सिवान(SIWAN): बिहार के सिवान जिले से एक बार फिर जहरीली शराब से मौत की खबर सामने आई है. बिहार के सिवान जिले के नबीगंज थाना क्षेत्र के बाला गांव में जहरीली शराब पीने से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग बीमार भी हैं. गंभीर हालत में परिजनों ने बीमार लोगों को सिवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. बता दें कि इलाज के दौरान तीन और लोगों की मौत हो गई है. इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
जांच में जुटी पुलिस
वही तबीयत बिगड़ने के बाद सभी लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में एडमिट किया गया है. जहां सभी का इलाज जारी है. घटना सीवान के नवीगंज थाना क्षेत्र की बतायी जा रही है. इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गयी है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन में जुटी है. अभी तक सिवान के एएसडीओ चंदन अभिषेक ने पुष्टि नहीं की है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सही जानकारी मिलने की बात कही है. पांच व्यक्ति की संदिग्ध मौत से इलाके के लोग भी सकते में हैं. मौत के कारणों का पता लगाने में पुलिस जुटी है.
इस घटना में 12 लोगों की हुई गिरफ़्तारी
इस मामले में सिवान के जिला अधिकारी ने बताया कि लकरी नवीगंज प्रखंड के बाला गांव में कुछ लोगों के अचानक स्वास्थ्य खराब होने की सूचना प्राप्त हुई. जिला प्रशासन द्वारा सूचना प्राप्त होने के बाद ही त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्वस्थ लोगों को एंबुलेंस के जरिए सिवान अस्पताल भेजा गया. जिला पदाधिकारी ने बताया कि 10 व्यक्तियों के तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी. इसमें से एक व्यक्ति की मौत सिवान सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में ही हो गई. वहीं दो व्यक्तियों की मौत पीएमसीएच पटना ले जाने के क्रम में रास्ते में हुई. जिलाधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद फॉरेंसिक लैब में रिपोर्ट भेजा जाएगा. इसके बाद ही मौत के कारण का पता चल पाएगा. वहीं जिलाधिकारी ने बताया कि इस घटना में अभी तक पुलिस ने 12 लोगों की गिरफ्तारी की है और छापेमारी भी कर रही है.
छपरा में 70 से अधिक लोगों की हुई थी मौत
बता दें कि इसी जहरीली शराब की वजह से छपरा में 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई. इसी जहरीली शराब से हुई मौत का जांच करने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC ) की टीम भी छपरा पहुंची थी. जहरीली शराब हुई मौत के बाद नीतीश सरकार को हाल ही में NHRC ने नोटिस जारी किया था. NHRC की टीम बिहार के अन्य जिलों में जाकर जांच कर रही थी. बिहार में 2016 से शराब बेचना और पीना प्रतिबंधित है. लेकिन इसके बावजूद इतने दिनों से यहां शराब का अवैध धंधा हो रहा था लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं थी.
Thenewspost - Jharkhand
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