खुद ही लिख डाली मौत की स्क्रिप्ट : भिखारी को गाड़ी में बैठा कर जिंदा जलाया, फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिखा इन्श्योरेन्स से लिए 60 लाख रुपये, 18 साल बाद खुलासा

    खुद ही लिख डाली मौत की स्क्रिप्ट : भिखारी को गाड़ी में बैठा कर जिंदा जलाया, फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिखा इन्श्योरेन्स से लिए 60 लाख रुपये, 18 साल बाद खुलासा

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): भारत देश में किसी भूखे को खाना खिलाना पुण्य का काम माना जाता है. लेकिन इसी देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भूखे को खाना खिलाकर उसके साथ दुर्व्यवहार करते हैं. लेकिन एक ने तो सारी हदें पार कर दी. जिसने सड़क पर बैठे भूखे भिखारी को खाने में नशीला पदार्थ मिला कर खिलाया और बाद में उसे अपनी कार के ड्राइविंग सीट पर बैठाकर आग के हवाले कर दिया. जिससे भिखारी की जिंदा जलकर मौत हो गई. भिखारी से उसकी कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन पैसे के लालच में युवक ने ऐसा कर डाला.

    घटना उत्तर प्रदेश के आगरा के सामने आई है. यहां सड़क पर बैठे एक भिखारी को पहले दोस्तों के साथ मिलकर नया कपड़ा पहनाया. भिखारी का कपड़ा खुद पहन लिया. इतना देख भिखारी इन्हें एक भला इंसान समझ कर हर बातों को मानने लगा. कुछ घंटे के बाद सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और भिखारी के थाली में नशीला पदार्थ मिला दिया गया जिससे वह बेहोश हो गया. बेहोशी की हालात में अपनी कार में भिखारी को बैठाया. एक सन्नाटा जगह ले गया. बेहोश भिखारी को ड्राइविंग सीट पर बैठ कर गाड़ी को आग के हवाले कर दिया. जिससे भिखारी की जिंदा जलकर मौत हो गई. इसके बाद पुलिस जांच शुरू हुई और फिर गाड़ी के नंबर से जानकारी मिली यह गाड़ी अनिल कुमार नाम के व्यक्ति के पिता की है. इसके बाद उनसे कांटेक्ट किया गया तो बताया गया गाड़ी में जलने से अनिल की मौत हो गई है.

    पुलिस ने भी अनिल को मृत मानकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इसके रिपोर्ट के आधार पर अनिल के पिता को 60 लख रुपए इंश्योरेंस कंपनी से मिले. एक मनगढ़ंत मौत की कहानी बनाकर अनिल ने धोखाधड़ी से 60 लाख  रुपए कमा लिए.  इसके बाद वह उत्तर प्रदेश छोड़कर अहमदाबाद चला गया.  वहां नई जिंदगी की शुरुआत की फर्जी दस्तावेज बनाकर खुद का नाम भी बदल लिया.

    लेकिन झूठ से तो एक दिन पर्दा उठ ही जाता है. पुलिस की जांच में कुछ जानकारी मिली कि कार में जिंदा जलकर मरने वाला अनिल नहीं बल्कि कोई दूसरा था. एक षड्यंत्र के तहत मौत की साजिश और स्क्रिप्टिंग की गई थी. मामले की जांच करते करते आखिरकार पुलिस अनिल कुमार तक पहुंच गई. इस दौरान अनिल की गिरफ्तारी हुई और इस पर धोखाधड़ी और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. यह घटना 30 जुलाई 2006 को हुई थी. खुद की मौत की साजिश रच कर पैसे इकट्ठा किया था. अनिल को इंश्योरेंस कंपनी से 60 लाख रूपये का क्लेम मिला था. उसने बताया कि कैसे भिखारी को गाड़ी में बैठकर आग के हवाले किया था.


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