बर्खास्त किया फिर फैसला वापस लिया, जानिए तमिलनाडु के राज्यपाल ने मंत्री के साथ ऐसा क्यों किया

    बर्खास्त किया फिर फैसला वापस लिया, जानिए तमिलनाडु के राज्यपाल ने मंत्री के साथ ऐसा क्यों किया

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): भ्रष्टाचार के आरोप में तमिलनाडु की एम के स्टालिन सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी के साथ एक अजीब घटना हुई. राज्यपाल ने उन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया. गुरुवार को उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया फिर क्या हुआ कि फैसला वापस ले लिया गया.

    जानिए क्योंकि अगर खास और क्यों वापस ले लिया निर्णय

    तमिलनाडु की वर्तमान सरकार में मंत्री सेंथिल बालाजी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. 2011 से 16 के बीच एआईएडीएमके सरकार में परिवहन मंत्री रहने के दौरान सेंथिल बालाजी पर नौकरी के बदले पैसा लेने का आरोप है. वर्तमान समय में एम के स्टालिन सरकार में सेंथिल बालाजी ऊर्जा मंत्री के पद पर हैं. हाल ही में उनके ठिकाने पर छापेमारी की गई थी. 14 जून को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था. तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने गुरुवार को उनके ऊपर लगे आरोप और न्यायिक हिरासत में रहने की वजह से बर्खास्त कर दिया. यानी एमके स्टालिन सरकार के मंत्री पद से उन्हें हटा दिया. फिर क्यों वापस लेना पड़ा, उन्हें यह निर्णय इसके बारे में जानिए.

    क्यों बैकफुट पर आए राज्यपाल

    एमके स्टालिन सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी को बर्खास्त करने के 5 घंटे के अंदर राज्यपाल को अपना फैसला वापस लेना पड़ा. दरअसल इस संबंध में राज्यपाल ने ना तो राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन से चर्चा की और ना ही केंद्रीय गृह मंत्रालय से. बर्खास्तगी के आदेश के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय से जब उन्होंने बातचीत की तो उन्हें फैसला वापस लेना पड़ा. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने राज्यपाल के फैसले का कड़ा विरोध किया.उन्होंने कहा कि राज्यपाल को किसी मंत्री की बर्खास्तगी का अधिकार नहीं है. उन्होंने यह भी धमकी दी थी कि बर्खास्तगी के खिलाफ वे कोर्ट जाएंगे. लेकिन देर शाम तक राज्यपाल ने मंत्री की बर्खास्त की का फैसला वापस ले लिया.

    बर्खास्तगी के संबंध में राजभवन का क्या है तर्क

     मंत्रिमंडल से बर्खास्त की के संबंध में राजभवन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा था कि ऊर्जा मंत्री सेंथिल बालाजी पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं उनके ऊपर मनी लांड्रिंग के भी गंभीर आरोप लगे हैं. इसलिए उन्हें मंत्री पद पर नहीं रखा जा सकता. परंतु उनका मंत्रिपरिषद कुछ घंटों के बाद बहाल कर दिया गया. राज्यपाल आर एन रवि ने कहा कि वे अटॉर्नी जनरल से इस संबंध में कानूनी सलाह लेंगे उसके बाद कोई निर्णय लेंगे.


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