गर्मियों में तेज हवा और बारिश के बीच आकाशीय बिजली की आशंका, जानिए कैसे रखे सावधानी

    गर्मी के मौसम में जहां एक ओर तेज धूप लोगों को परेशान करती है, वहीं दूसरी ओर मौसम अचानक करवट लेता है और तेज हवाओं के साथ बारिश होना शुरु हो जाती है ऐसे में आकाशीय बिजली यानी ठनका गिरने का संभनवना बनी रहता है. अप्रैल से जून  के बीच इस तरह की घटनाओं की आशंका सबसे ज्यादा रहती है

    गर्मियों में तेज हवा और बारिश के बीच आकाशीय बिजली की आशंका,  जानिए कैसे रखे सावधानी

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): गर्मी के मौसम में जहां एक ओर तेज धूप लोगों को परेशान करती है, वहीं दूसरी ओर मौसम अचानक करवट लेता है और तेज हवाओं के साथ बारिश होना शुरु हो जाती है. ऐसे में आकाशीय बिजली यानी ठनका गिरने का संभनवना बनी रहता है. मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल से जून  के बीच इस तरह की घटनाओं की आशंका सबसे ज्यादा रहती है, जिससे जान-माल का खतरा भी बढ़ जाता है. हाल में हज़ारीबाग़ के एक व्यक्ति की मौत हो गई. वहीं दूसरी मौत जमशेदपुर के मानगो के डिमना में हुई जहां वज्रपात की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई. आपको बता दें कि पिछले 1 सप्ताह से लगातार झारखंड में रुक-रुककर बारिश हो रही है, वही वज्रपात और ओलावृष्टि की वजह से लोग परेशान है, खासकर ग्रामीण इलाकों में इसका खतरा अधिक रहता है. 

    मौसम में अचानक बदलाव, बादलों के बीच टकराव और जमीन तथा आसमान के बीच विद्युत असंतुलन के कारण आकाशीय बिजली गिरती है। तेज हवा और बारिश के दौरान यह खतरा और बढ़ जाता है वही राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाते है जिसका पालन करने से काफी हद तक हादसों से बचा जा सकता है. जब बारिश के साथ बिजली कड़क रही हो, तो घर के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित माना जाता है. इस दौरान बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूरी बनाकर रखें. तार वाले टेलीफोन का इस्तेमाल करने से बचें. खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और छत या बरामदे में खड़े न हों.

    इसके अलावा धातु से बनी वस्तुएं जैसे पाइप, नल, वॉश बेसिन के संपर्क में आने से बचना चाहिए, क्योंकि ये बिजली के अच्छे सुचालक होते हैं और खतरा बढ़ा सकते हैं. अगर आप घर से बाहर हैं, तो स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है. सबसे पहले पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि पेड़ आकाशीय बिजली को आकर्षित करते हैं. ऊंचे स्थानों या खुली जगहों में खड़े रहना भी खतरे से खाली नहीं है. अगर आप किसी किसी ग्रुप में हैं, तो एक साथ खड़े रहने के बजाय दूरी बनाकर खड़े हों. किसी पक्के मकान में जाकर खड़े रहना सबसे बेहतर होता है.

    यदि आप सफर में हैं, तो अपने गाड़ी के अंदर ही रहना सुरक्षित है, गाड़ी की छत मजबूत हो. खुली छत वाले वाहनों से बचें. साथ ही धातु से बनी चीजों, बिजली के खंभों, तार की बाड़ या मशीनों से दूरी बनाए रखें. तालाब, नदी के पास या भीतर होने पर तुरंत बाहर निकल आएं, क्योंकि पानी बिजली का अच्छा संवाहक होता है और जोखिम कई गुना बढ़ जाता है.

    कई बार आकाशीय बिजली गिरने से पहले कुछ संकेत मिलते हैं। यदि अचानक आपके सिर के बाल खड़े हो जाएं या शरीर में झुनझुनी महसूस हो, तो यह खतरे का संकेत है. ऐसी स्थिति में तुरंत नीचे झुककर बैठ जाएं और अपने कान बंद कर लें. जमीन पर लेटना नहीं चाहिए, बल्कि पैरों को पास रखकर झुकना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

    यदि किसी व्यक्ति पर बिजली गिर जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत मदद करें. यह समझना जरूरी है कि पीड़ित के शरीर में करंट नहीं रहता, इसलिए उसे छूना सुरक्षित होता है. घायल व्यक्ति को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और जरूरत पड़ने पर सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) यानी कृत्रिम सांस दिया जा सके. जितनी जल्दी हो सके उसे नजदीकी अस्पताल जरूरी पहुंचाएं.


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