टीएनपी डेस्क (Tnp desk):- 31 जनवरी से जो सियासी तपिश झारखंड में महसूस की जा रही है . इसकी आहटे और गर्माहट सिर्फ रांची में ही नहीं बल्कि हैदराबाद तक है. यानि सियासत की इस चित-पट में अभी भी महगधबंधन और चंपई सोरेन नहीं जीते हैं. बल्कि असली अग्निपरीक्षा या फिर कहे इम्तहान तो सोमवार को होगा. जब बहुमत साबित करने के लिए चंपई सोरेन आयेंगे, इस दिन का इंतजार आम आवाम और हैदराबाद के रिजॉर्ट में आराम फरमा रहे जेएमएम और कांग्रेस के विधायको को भी है. जो झारखंड से दूर इस ताजी-ताजी हवा तो ले रे हैं और अग्निपरीक्षा की तैयारी कर खुद को महफूज रखे हुए हैं. यहां टूट फूट औऱ बिखराव का डर अभी भी कायम है.
रांची से हैदराबाद तक हलचलें
खतरा, डर और तरह-तरह की आशंकाए तो तब तक मंडरायेगी, जब तक बहुमत साबित न हो जाए. लिहाजा , न तो अभी नींद आयेगी और न ही चेन की सांस कोई लेगा, क्योंकि इसी अग्निपरीक्षा को पार करने के लिए विधायकों को निजामों के शहर हैदराबाद जाना पड़ा.
हैदराबाद के विधायकों की सुरक्षा लिओनिया रिजॉर्ट में महागठबंधन के 36 विधायक सख्त पहरे में है. ताकि किसी भी तरह के खरीद-फरोख्त के खतरें को दरकिनार किया जाए. रिजॉर्ट में इसे लेकर हर तरह की रणनीति बुनी जा रही है. मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के संपर्क में सभी विधायक हैं, ताकि किसी तरह की कोई दिक्कतें आगे न हो. विधायक भी इस बात को मानते है कि इस दूरी के चलते क्षेत्र की जनता से दूर हैं. यह दूरी नागावार गुजर रही है. लेकिन, जनादेश की रक्षा करना उनका फर्ज है.
रविवार शाम तक विधायक आयेंगे हैदराबाद से रांची
महागठबंधन के 36 विधायक हैदराबाद से रविवार शाम को रांची पहुंचेंगे. चार्टर प्लेन से उनकी वापसी होगी और सभी को सर्किट हाउस में ही आज रात रखा जाएगा. यहां भी सख्त सुरक्षा के इंतजाम और पहरे में सभी विधायक रहेंगे, ताकि किसी तरह का कोई खतरा फ्लोर टेस्ट में न हो. सोमवार को झारखंड विधानसभा के सत्र से पहले 10 बजे सभी विधायकों को विधानसभा ले जाया जाएगा. जहां नवनियुक्त सरकार के बहुमत साबित करने के लिए मतदान करेंगे. विश्वास मत के बाद ही सभी विधायकों को छोड़ा जाएगा.
आपको बता दे पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी सरकार के विश्वास मत में शामिल होंगे. विधानसभा में सत्ता पक्ष की ओर से अगली पक्ति में बेठेंगे . उनका स्थान विधानसभा सचिवालय ने निर्धारित कर दिया है.
Thenewspost - Jharkhand
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