नीतीश कुमार पर आरसीपी सिंह का तंज, PM उम्मीदवारी पर बोले नीतीश बाबू आप PM थे, PM हैं और PM रहेंगे!


पटना(PATNA): बिहार के सीएम नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे और विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात का मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में है. इस पर बीजेपी पार्टी लगातार नीतीश कुमार पर हमला कर रही है. इसी बीच बीजेपी नेता आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा है कि ‘नीतीश बाबू आप PM थे, PM हैं और PM रहेंगे’.
विपक्षी एकता के नेतृत्व पर अन्य दलों के नेता असहज क्यों ?
नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे पर हमला करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा काफी व्यस्त रहा. कई दलों के नेताओं, उनके परिवार के सदस्यों से स्नेहपूर्ण मुलाक़ात हुई. प्रेस कांफ्रेंस भी हुआ, फोटो सेशन हुआ, स्वाभाविक है. जब इतना कुछ हुआ तो बातें भी अवश्य हुई होंगी. विपक्षी एकता और इसके नेतृत्व पर भी अवश्य बातें हुई होगी. लेकिन इस पर आप और अन्य दलों के नेता असहज क्यों हैं.
आरजेडी पार्टी चाहती है कि सीएम की कुर्सी आप जल्दी छोड़े- आरसीपी सिंह
आगे तंज करते हुए कहा कि राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं की इच्छा है, कि जितना शीघ्र हो आप PM पद के उम्मीदवार, विपक्षी एकता के संयोजक बनकर बिहार से बाहर निकलें. ताकि मुख्यमंत्री की कुर्सी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मिल जाये.
विपक्षी एकता के संयोजक और पीएम पद के उम्मीदवारी के सपने का आधार क्या है ?
आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी का क़रीब 138 वर्षों का इतिहास रहा है. इस दल में एक ही वंश के तीन तीन प्रधानमंत्री हुए हैं. आज 5वीं पीढ़ी के छठे नेता पार्टी के सर्वेसर्वा हैं. इस परिस्थिति में भी नीतीश बाबू आप किस उम्मीद से विपक्षी एकता के संयोजक और पीएम पद के उम्मीदवारी के सपने देख रहे हैं. कांग्रेस की देश में क्या दुर्गती है उससे आप परिचित ही हैं.
सभी दल के नेता आपको संशय की नज़र से देखते हैं- आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह के हमला का दौर यहीं नहीं थमा आगे उन्होंने कहा कि नीतीश बाबू आप मानें या, ना मानें विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता आपको संशय की नजर से देखते हैं. आपकी साख समाप्त हो चुकी है. आपकी विश्वसनीयता नहीं बची है. ऐसे में कोई दल कैसे आप पर विश्वास कर देश की बागडोर आपको दे सकता है ?
नीतीश कुमार को आरसीपी सिंह ने इतिहास दिलाया याद
आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार को देश का इतिहास दिलाते हुए कहा कि नीतीश बाबू राजनीति में आप काफ़ी अनुभवी हैं. पर आप जानते ही हैं कि इस देश में 1977 से लेकर 1999 तक कुल 12 प्रधानमंत्री हुए. मतलब कि 22 वर्षों में 12 प्रधानमंत्री!.नीतीश बाबू अब ज़रा सोचिए उस समय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की क्या स्थिति थी. आज 20 दल एक साथ आएंगे मतलब कि 2024 के चुनाव में प्रधानमंत्री पद के विपक्षी दलों के कम से कम 20 उम्मीदवार प्रधानमंत्री बनने के लिए अपने मन में चाह रखेंगे. स्पष्ट है कि 5 वर्षों का कार्यकाल में 20 लोगों की प्रधानमंत्री की दावेदारी होगी समझ लीजिए कि एक प्रधानमंत्री का कार्यकाल क़रीब 3 महीने का होगा. इसका देश पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? आज भारतवर्ष G20 का प्रेसिडेंट है. लोग क्या कहेंगे , इसे समझिए नीतीश बाबू. अब आरसीपी सिंह के इस तंज का जवाब बिहार के सीएम नीतीश कुमार किस तरीके से देते हैं. इसको देखना काफी दिलचस्प होगा.
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