राघोपुर(RAGHOPUR): बिहार में एक वीडियो और कुछ उससे ही जुड़ी तस्वीरें बहुत वायरल हो रही हैं, जिसमें बोट की सवारी करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दिख रहे हैं. दरअसल दोनों पूर्व मंत्री उदय नारायण उर्फ भोला बाबू के निधन के बाद उनके परिजनों से मिलने राघोपुर पहुंचे थे. उनके अलावा मंत्री विजय चौधरी के साथ वैशाली और पटना जिले के पदाधिकारी भी थे. यह वही राघोपुर है, जहां पर लालू यादव परिवार का राजनीतिक कब्जा बरसों से रहा है. नाव की सवारी करने की वजह यह है कि आज तक इसे सड़क मार्ग से नहीं जोड़ा जा सका है. सरकार राज्य में बदलती रही. लालू और राबड़ी राज भी रहा. राजद ने नीतिश के साथ मिलकर पहले भी सरकार चलाई. लेकिन नहीं बदली तो इस गांव की तक़दीर. यहां जाने के लिए आज भी लोगों को नाव में बैठकर नदी पार करना पड़ता है.
राघोपुर पर रहा है राजद का दबदबा
सड़क मार्ग ना होने के कारण मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को बोट पर बैठ कर पूर्व मंत्री भोला बाबू को श्रद्धांजलि देने के लिए राघोपुर जाना पड़ा. मुख्यमंत्री का carcade भी नाव से लद के गया. जहां पिछले 17 सालों से बिहार में नीतीश कुमार की सरकार है और राघोपुर से पिछले कई सालों से लालू परिवार के सदस्य जीतते आ रहे हैं उसके बावजूद राघोपुर जाने के लिए कोई सड़क तक नहीं है. ये नजारा केवल कल का नहीं है बल्कि रोज़ का है. जहां लोग आने जाने के लिए नाव का सहारा लेते हैं.
कौन थे भोला बाबू
बता दें कि पूर्व मंत्री उदय नारायण राय उर्फ भोला राय का निधन इलाज के दौरान आईजीआईएमएस पटना में गुरुवार को हो गया था. बिहार सरकार में मंत्री रहे 90 वर्षीय भोला राय ने पटना में अंतिम सांस ली थी. भोला राय राजद की सरकार में ईख एवं हस्तकरधा मंत्री थे. भोला राय पहली बार 1980 में राघोपुर से विधायक बने तीन बार विधायक रहे. भोला राय ने लालू यादव के लिए अपनी सीट 1995 में छोर दी. उसके बाद से राघोपुर सीट पर लालू प्रसाद यादव के परिवार का कब्जा है. हालांकि 2010 में सतीश कुमार ने जदयू से टिकट लेकर राबड़ी देवी को पराजित कर दिया था.
Thenewspost - Jharkhand
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