बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले प्रेशर पॉलिटिक्स : मांझी ने कहा- एक रोटी से पेट नहीं भरता, कम से कम दो तो दीजिए

    बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले प्रेशर पॉलिटिक्स : मांझी ने कहा- एक रोटी से पेट नहीं भरता, कम से कम दो तो दीजिए

    पटना : बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू हो गया है. बिहार में 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट होना है. ऐसे में यहां भी खेला होने का अंदेशा बढ़ गया है. क्योंकि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व हम के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने फ्लोर टेस्ट से पहले सीएम नीतीश कुमार की टेंशन बढ़ा दी है. बेटे को अच्छा मंत्रालय नहीं मिलने से जीतन राम मांझी नाराज चल रहे हैं. अपने बेटे को मिले एससी-एसटी कल्याण विभाग पर भी सवाल उठाए.

    मांझी ने कहा, मुझे में भी यही विभाग मिला था. मेरे बेटे को भी यहीं मिला. पूर्व सीएम ने कहा कि एक रोटी से पेट नहीं भरता है, कम से कम दो तो दे दीजिए.

    फ्लोर टेस्ट में मांझी के हटने से संकट में आएगी नीतीश सरकार ?

    बता दें कि नीतीश सरकार से जीतन राम मांझी नाराज चल रहे हैं. उनकी इच्छा है कि सरकार में मेरी पार्टी के चारा विधायक में से दो को दो मंत्री पद मिले. लेकिन सीएम नीतीश ने एक विधायक को मंत्री पद थी है. वो उनके मन मुताबिक विभाग नहीं मिला है. वहीं मांझी के खेला होबे वाले बयान पर कहीं न कहीं चिराग पासवान भी साथ दे रहे हैं. जिस तरीके से बिहार में सियासी बयानबाजी चल रही है ऐसे में लगता है कि कहीं न कहीं मांझी नीतीश सरकर को झटका दे सकते हैं. अगर मांझी ने फ्लोर टेस्ट में सरकार को समर्थन नहीं भी दिया तो भी नीतीश सरकार को कोई खतरा नहीं है.

    बिहार में बहुत के चाहिए 112 सीटें

    बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं. बहुमत सिद्ध करने के लिए 122 सीटें चाहिए. जबकि एनडीए सरकार ने 128 सीटों का दावा पेश किया है. अगर जीतन राम मांझी के चार विधायक न भी हो तो एनडीए का आंकड़ा 124 रहेगा. यानि कि नीतीश सरकार फ्लोर टेस्ट में पास हो जाएगी. 

    जदयू का दावा- खेला होगा

    फ्लोर टेस्ट से पहले जदयू ने बड़ा दावा किया है. जदयू विधायक व नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी ने दावा करते हुए कहा कि ‘खेला’ होगा. उन्होंने कहा कि खेला तो होगा ही लेकिन किसके पक्ष में होगा, क्या होगा, ये तो समय ही बताएगा. बता दें कि कांग्रेस ने तोड़फोड़ के डर से 19 में से 16 विधायकों को हैदराबाद में शिफ्ट कर दिया है. कांग्रेस विधायकों के हैदराबाद जाने की बात पर अशोक चौधरी ने कहा कि यह उनकी पार्टी का मामला है. वे समझे. लेकिन जिस तरीके से अशोक चौधरी ने इशारों-इशारों में कहा कि खेला होगा. उससे आशंका यही जतायी जा रही है कि कहीं कांग्रेस में खेला ना हो जाए. इसी वजह से पार्टी ने सभी विधायकों को हैदराबाद ले गयी है.

     


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