"न खाता न बही, प्रिंसिपल साहब जो कहे वही सही” के आरोपों में घिरा पलामू का ITI कॉलेज, बहाली से खरीद तक उठे गंभीर सवाल


पलामू (PALAMU): सतबरवा प्रखंड स्थित आईटीआई कॉलेज इन दिनों लगातार विवादों में घिरा हुआ है. कॉलेज में नियुक्तियों और बेबुनियादी खरीदारी को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां नियम-कानून से ज्यादा प्रिंसिपल की मर्जी चल रही है, जिस कारण कॉलेज की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है.
कॉलेज पर आरोप है कि बिना किसी आधिकारिक सूचना के एक ही परिवार के चार सदस्यों को नौकरी दे दी गई. इसके अलावा कॉलेज में बिजली की सुविधा नहीं होने के बावजूद लाखों रुपये की खरीदारी किए जाने का मामला भी सामने आया है. यह मुद्दा अब स्थानीय स्तर से निकलकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुका है. चतरा सांसद के सतबरवा प्रतिनिधि ने पूरे मामले की जांच की मांग की है.
जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में अग्गार सिक्योरिटी सर्विस की ओर से जारी एक पत्र में छह लोगों की नियुक्ति का उल्लेख है. इसमें लालबिहारी यादव, श्यामबिहारी यादव, अरुण यादव और संदीप यादव को सुरक्षाकर्मी, जबकि संजीत राम और रंजीत कुमार को अनुसेवक के रूप में दिखाया गया था. बाद में कॉलेज का संचालन शिवा कंपनी को सौंप दिया गया. कंपनी की अधिसूचना में अंकित, चंदन, विकास, रोहित और रविंद्र पाल को गार्ड और सुपरवाइजर पद पर बहाल बताया गया.
आरोप है कि कॉलेज के प्रिंसिपल प्रकाश चौधरी ने करीब डेढ़ से दो साल पहले बिना किसी सूचना के तुलसी राम के दो अन्य बच्चों कुंदन और लक्ष्मी कुमारी को भी बहाल कर दिया. इस तरह एक ही परिवार के चार सदस्य कॉलेज में नौकरी करने लगे, जिसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
चतरा सांसद के सतबरवा प्रतिनिधि धीरज कुमार ने कहा कि कॉलेज में बिजली व्यवस्था नहीं होने के बावजूद लाखों रुपये की खरीदारी किया जाना गंभीर मामला है. उन्होंने एक ही परिवार के चार लोगों की बहाली पर भी आपत्ति जताई. उनका आरोप है कि बहाली के नाम पर अवैध वसूली का खेल चला और मामले को दबाने के लिए पवन लोहरा को हटाया गया. साथ ही पियून को गार्ड और अनुसेवक को पियून बनाए जाने को भी संदिग्ध बताया गया है.
वहीं शिवा प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 7 फरवरी 2023 को रोहित यादव को पियून पद पर बहाली का पत्र जारी किया गया था. रोहित यादव ने बताया कि ज्वाइनिंग के समय उन्हें जानकारी मिली कि एक दिन पहले ही अनुसेवक रंजीत कुमार को प्रिंसिपल ने पियून बना दिया था. इसके बाद उनसे गार्ड का काम कराया जा रहा है, हालांकि भुगतान गार्ड पद के अनुसार किया जा रहा है. पूरे मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से लिखित शिकायत की गई है और जांच की बात कही जा रही है.
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