PM मोदी के खिलाफ विपक्षी एकता‌ की कवायद, नीतीश कुमार मिले राहुल गांधी और खरगे से, जानिए क्या बात हुई

    PM मोदी के खिलाफ विपक्षी एकता‌ की कवायद, नीतीश कुमार मिले राहुल गांधी और खरगे से, जानिए क्या बात हुई

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): एनडीए के खिलाफ एक मजबूत गठबंधन बनाने की कवायद शुरू हो गई है. वैसे यह प्रयास तो पहले से चल रहा है लेकिन इस दिशा में अब गंभीरता से प्रयास होता दिख रहा है. बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार दिल्ली में कांग्रेसी नेताओं से मिले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे से मुलाकात की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और कांग्रेसी नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात हुई. इस मुलाकात के दौरान राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के अलावा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी थे.

    विपक्षी दलों को एक साथ आने की जरूरत: राहुल गांधी

    सभी लोगों ने यह तय किया कि पीएम मोदी की सरकार कथित रूप से केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और अपने राजनीतिक दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए इन्हें टूल के रूप में उपयोग कर रही है. नीतीश कुमार ने कहा कि सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की जरुरत है. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह सब किया जा रहा है ताकि एनडीए के खिलाफ एक मजबूत गठबंधन देश में तैयार हो सके. कांग्रेसी नेता राहुल गांधी ने कहा कि जो देश में हालात हैं, ऐसे में सभी विपक्षी दलों को एक साथ आने की जरूरत है ताकि तानाशाही शासन व्यवस्था को जवाब दिया जा सके.

    केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों कर रही दुरुपयोग 

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाकर एक जनरल कंसेंसस बनाना जरूरी है. आने वाले दिनों में और भी दलों को इस तरह की बैठक में बुलाया जाएगा ताकि एक मजबूत गठबंधन तैयार हो. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि देश में कई ऐसे मुद्दे हैं जिस पर केंद्र की सरकार मौन है. महंगाई का मुद्दा बड़ा है. राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों को अपने स्वार्थ के लिए उपयोग में ला रही है.इसलिए बेहद जरूरी है कि विपक्षी दलों की एकता बनी रहे. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह के प्रयास से एक मजबूत गठबंधन तैयार हो सकता है, लेकिन इसके लिए कांग्रेस को अपने बड़प्पन का परिचय देना होगा. कतिपय विषय पर उसे छोटे दलों के विचार के साथ चलना होगा.तभी यह गठबंधन टिकाऊ हो सकता है. यह भी कहा गया है कि यह सब जल्द से जल्द करना होगा ताकि लोकसभा चुनाव से पहले एक क्लीयर कट तस्वीर सभी के सामने आ जाए.



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