एक कॉल, एक क्लिक और अकाउंट साफ! ऐसे लोगों को मूर्ख बनाते हैं साइबर ठग
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रांची/ डेस्क : साल 2026 की शुरुआत होते ही साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं. इस मामले में एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले साल देश में कई साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं. अधिकतर मामलों में साइबर ठगों ने समान पैटर्न का इस्तेमाल कर बैंक खाते से पैसे खली कर दिए. साइबर सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस जाल में अक्सर भोले-भाले लोग फंस जाते है और कई बार यह मामला डिजिटल अरेस्ट तक भी पहुंच जाता हैं.
साइबर ठगों के 4 समान तरीके
QR कोड स्कैम
आज के समय में QR कोड से पेमेंट करना कितना आसान हो गया है. लेकिन ये उतना ही खतरनाक भी. साइबर ठग QR कोड का गलत इस्तेमाल कर लोगों को अपने झासे में ले लेते है. साइबर ठग मासूम लोगों को QR कोड भेजते है और इसको स्कैन करने के कहते है. जैसे ही मासूम QR स्कैन करते है. उनके खाते से पैसे गायब होते है.
पार्सल स्कैम या कुरियर स्कैम
इसमें विक्टिम को कॉल कर के बताया जाता है कि उनके नाम से कोई पार्सल आया है. जिसमें आपत्तिजनक सामान है. फिर उन्हें धमकाया जाता है और कहां जाता है कि पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया हैं. ऐसा सुनकर कुछ मासूम लोग डर जाते है. उसके बाद उनके थाते से पैसे उड़ा लेते है.
वर्क फ्रॉम होम जॉब स्कैम
कई बार साइबर ठग वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर मासूमों से बैक डिटेल्स निकलवा लेते है. उसके बाद शुरुआक में लालच देने के लिए छोटे-छोटे काम करवाते है और उनके पेमेंट भी करते है. जिससे वे उनका भरोसा जीत सके. उसके बाद हाई रिटर्न का लालच देकर पूरी रकम निकाल लेते है.
डिजिटल अरेस्ट
यह स्कैम 2025 में बहुत सुना होगा. इसमें साइबर ठग खुद को पुलिस और अधिकारी बता तक मासूम लोगों को अकेले कमरे में रहने को मजबूर कर देते है. उसके बाद उनसे बैंक डिटेल्स बतानेके लिए मजबूर कर देते थे. इसमें कई लोग शिकार भी हुए
साइबर ठगों से बचाव के तरीके
रिपोर्ट-वर्षा वर्मा
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