बांध में गिरा एक अधिकारी का फोन, ढूंढने के लिए 21 लाख लीटर पानी किया बर्बाद, जानिए पूरा मामला

    बांध में गिरा एक अधिकारी का फोन,  ढूंढने के लिए 21 लाख लीटर पानी किया बर्बाद, जानिए पूरा मामला

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : अगर कोई महंगा सामान खरीदता है तो उसे काफी संभाल कर रखता है, और वो खरीदी गई चीज उस व्यक्ति के लिए काफी अजीज भी होती है. किसी का कोई महंगा सामान खो जाए तो तो लाजमी है कि उसे तकलीफ तो जरूर होगी. लेकिन खोई हुई चीज को वापस ढूंढ निकालना आसान नहीं है. सिवाए अफसोस के कुछ नहीं मिलता. अगर आपका कोई सामान खो जाए तो आप ज्यादा से ज्यादा क्या करेंगे.  ये तो आप ढूंढने का हर संभव प्रयास करेंगे और अगर बात हद से ज्यादा बढ़ जाए तो पुलिस कंप्लेंट करेंगे. मगर छत्तीसगढ़ के इस अधिकारी ने अपने खोए हुए समान को पाने के लिए जो किया वह कोई सोच भी नहीं सकता. यदि आप सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे. पंखाजूर के परलकोट जलाशय में अपना बेशकीमती फोन ढूंढने के लिए अधिकारी ने चार दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलवाया. आरोप है कि जलाशय में संग्रहित 21 लाख लीटर पानी इस चक्कर में बहा दिया गया. तब जाकर अधिकारी का मोबाइल मिल सका. फोन को पानी से निकालने के लिए सोमवार से ऑपरेशन शुरू किया गया था, जो गुरुवार को खत्म हुआ. इस अधिकारी का नाम राजेश विश्वास बताया जा रहा है. जो की कोयलीबेड़ा ब्लॉक में फूड इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं. कांकेर से लेकर प्रदेश की राजधानी रायपुर तक इस अधिकारी के करतूत की चर्चा हो रही है. यहाँ तक कि बीजेपी के नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमण सिंह ने भी इसको लेकर ट्वीट कर भूपेश बघेल सरकार को निशाने पर लिया है.

     3 दिन चले 30 हॉर्स पावर के पंप

    इस मामले में जानकारी के मुताबिक मोबाइल फोन को पानी से निकालने के लिए गोताखोरों की भी मदद ली गई. मगर जब गोताखोर असफल रहे, तो पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए. तीन दिनों तक 30 हॉर्स पावर के पंपों की मदद से बांध का पानी निकाला गया. सोमवार से ऑपरेशन शुरू किया गया, जो गुरुवार तक चला. जिसके बाद ही अधिकारी का फोन मिल सका. दरअसल कोयलीबेड़ा ब्लॉक के फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास सोमवार को छुट्टी मनाने परलकोट जलाशय पहुंचे थे. जलाशय के आसपास तफरीह के दौरान फूड ऑफिसर का महंगा मोबाइल फोन परलकोट जलाशय में गिर गया. जिसे निकालने के लिए इतना पनि बर्बाद किया गया.

    पूर्व सीएम ने बघेल सरकार पर कसा तंज

    एक मोबाइल फोन के लिए जलाशय का पानी खाली करने का यह मामला अब सुर्खियों में है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमण सिंह ने इसको लेकर ट्वीट किया. अपने ट्वीट के जरिए पूर्व सीएम ने प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार को निशाने पर लिया. डॉ. सिंह ने ट्वीट किया, ‘दाऊ @bhupeshbaghel की तानाशाही में अधिकारी प्रदेश को पुश्तैनी जागीर समझ बैठे हैं. आज भीषण गर्मी में लोग टैंकरों के भरोसे हैं, पीने तक के पानी की व्यवस्था नहीं है. वहीं अधिकारी अपने मोबाइल के लिए लगभग 21 लाख लीटर पानी बहा रहे हैं, इतने में डेढ़ हजार एकड़ खेत की सिंचाई हो सकती थी.’

     



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