बिना आग, बिना हीटर ! फिर भी सेकंडों में गरम खाना ! माइक्रोवेव ओवन का हैरान करने वाला विज्ञान


रांची (RANCHI): आज लगभग हर घर की किचेन में माइक्रोवेव ओवन है. एक बटन दबाते ही घंटो का काम कुछ ही सेकंड में हो जाता है. एक बटन दबाते ही ठंडा खाना गरम हो जाता है. न आग जलाने की मेहनत न धुआं निकलने की मेहनत होती है. देखने में यह किसी जादू से कम नहीं लगता, लेकिन असल में इसके पीछे छिपा विज्ञान काफी दिलचस्प है.
तरंगों से होता है जादू
माइक्रोवेव कोई मशीन का नाम नहीं बल्कि एक प्रकार की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव हैं. माइक्रोवेव ओवन में तरंगें पैदा होती हैं. ओवन के अंदर मौजूद एक खास पार्ट- मैग्नेट्रॉन बिजली को माइक्रोवेव तरंगों में बदल देता हैं. ये वेव्स ओवन के अंदर चारों ओर फैल जाती है और जैसे ही खाने से टकराती है, तो उसमें मौजूद पानी, फैट और शुगर के अणु तेजी से हिलने लगते हैं. नतीजा खाना अंदर से ही गर्म हो जाता है.
सुरक्षा और स्मार्टनेस
माइक्रोवेव ओवन को सुरक्षित तरीके से डिजाइन किया गया हैं. इसकी मेटल बॉडी और दरवाजे पर लगी जालीदार परत वेव्स को बाहर निकलने नहीं देती. आधुनिक माइक्रोवेव अब इतने स्मार्ट हो गए है कि उनमें लगे सेंसर और ऑटो-कुक फीचर्स खुद तय कर लेते हैं कि कितना तापमान किस खाने में लगेगा. इससे बिजली की भी बचत होती हैं.
क्या माइक्रोवेव खाना नुकसानदायक है
अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो माइक्रोवेव सुरक्षित है. सही तापमान पर पकाया गया खाना बैक्टीरिया को खत्म करता है
माइक्रोवेव इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियां
खाना ढककर गरम करें ताकि भाप बाहर निकले. ओवन का दरवाजा खराब हो तो इस्तेमाल न करें
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