नामीबिया से मिले 8 चीतों से भारत में चीता युग का शुभारंभ, जानिए अनकही कहानी

    नामीबिया से मिले 8 चीतों से भारत में चीता युग का शुभारंभ, जानिए अनकही कहानी

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): नामीबिया से आए आठ चीता भारत में एक बार फिर चीता युग की शुरुआत करेंगे. नामीबिया ने बतौर गिफ्ट के तौर पर भारत को 8 नए चीते दिए हैं. मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रहेंगे. कूनो नदी के नाम पर रखे गए इस नेशनल पार्क में 1948 के बाद से चीता दिखेगा. बताया जा रहा है कि 1952 के बाद भारत में चीता विलुप्त वन्य जीव घोषित हुआ. कूनो नेशनल पार्क नामीबिया से आए अफ्रीकन चीता के प्राकृतिक माहौल में रहने के अनुकूल है. इस नेशनल पार्क में कई अन्य वन्य जीव हैं.

    नामीबिया से आए इन 8 चीतों को देश के लोग देख पाएंगे और बड़े दिनों से यह लोगों की ख्वाहिश थी कि भारत में भी चीता हो.अब यह सपना भारतीयों का पूरा हो जाएगा. वन्य जीव के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चीता प्रजाति को अंतिम बार 1948 में देखा गया था. इसके बाद कई बार यह बात आती-जाती रही कि इन्हें देखा गया है लेकिन इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले.भारत आए 8 में से पांच चीता मादा हैं और तीन नर.

    कूनो नेशनल पार्क में ही जीता क्यों रखे जा रहे हैं इसके पीछे एक बड़ा कारण यह है कि यहां कि जो जलवायु है वह चीता के लिए अनुकूल है. यहां का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रहता है. चीता के लिए यह अनुकूल माहौल है.


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