LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका, अब घर में नही रख सकेंगे दो गैस कनेक्शन, सरकार ने बदले नियम

    LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका, अब घर में नही रख सकेंगे दो गैस कनेक्शन, सरकार ने बदले नियम

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): अगर आपके घर में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) और एलपीजी (LPG) सिलेंडर दोनों मौजूद हैं, तो अब आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है. केंद्र सरकार 1 जुलाई से “नो ड्यूल कनेक्शन” नियम लागू करने जा रही है, जिसके बाद एक ही घर में PNG और सरकारी LPG कनेक्शन दोनों रखना मुश्किल हो जाएगा.  अब तक लोग सुविधा और इमरजेंसी के लिए बैकअप के तौर पर सिलेंडर रखते थे, लेकिन सरकार का मानना है कि जिन घरों में PNG की सुविधा पहुंच चुकी है, वहां LPG सिलेंडर की जरूरत कम है. ऐसे में सिलेंडर उन परिवारों को मिलना चाहिए,

    जहां अभी पाइप गैस नहीं पहुंची है. सरकार ने 30 जून तक का समय दिया है, जिसके भीतर उपभोक्ताओं को किसी एक कनेक्शन को सरेंडर करना होगा. नियम का पालन नहीं करने पर गैस बुकिंग रोकी जा सकती है और LPG कनेक्शन सस्पेंड या ब्लॉक भी किया जा सकता है. दरअसल, पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी खींचतान का असर ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. इसका प्रभाव भारत में एलपीजी सप्लाई पर पड़ने लगा है. कई राज्यों में गैस की उपलब्धता और वितरण को लेकर दबाव बढ़ा है. इसी स्थिति से निपटने और जरूरतमंद परिवारों तक गैस पहुंचाने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है.

    सरकार के नए नियम के अनुसार, जिन घरों में पाइप लाइन के जरिए PNG गैस की सुविधा उपलब्ध है, वे लोग अब सरकारी एलपीजी सिलेंडर का लाभ नहीं ले सकेंगे. यानी एक परिवार को केवल एक ही गैस सुविधा चुननी होगी या तो PNG या फिर LPG.

    सरकार का तर्क है कि जिन लोगों के घर तक पाइप गैस पहुंच चुकी है, उन्हें सिलेंडर की जरूरत कम है. ऐसे में एलपीजी सिलेंडर उन परिवारों को मिलना चाहिए जहां अभी PNG नेटवर्क नहीं पहुंचा है. इससे गैस वितरण प्रणाली पर दबाव कम होगा और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.

    सरकार ने उपभोक्ताओं को 30 जून तक की मोहलत दी है. इस दौरान जिन परिवारों के पास दोनों कनेक्शन मौजूद हैं, उन्हें खुद फैसला लेकर किसी एक कनेक्शन को सरेंडर करना होगा. उपभोक्ता चाहें तो पाइप वाली गैस जारी रख सकते हैं या फिर एलपीजी कनेक्शन बचा सकते हैं.

    अगर तय समय तक कोई फैसला नहीं लिया गया, तो तेल कंपनियां कार्रवाई शुरू कर देंगी. सरकारी तेल कंपनियों  इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)   को इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि किसी उपभोक्ता के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन पाए जाते हैं और उसने 30 जून तक कोई एक कनेक्शन बंद नहीं किया, तो एलपीजी सिलेंडर की नई बुकिंग बंद कर दी जाएगी, रिफिल सेवा रोक दी जाएगी, एलपीजी कनेक्शन ऑटोमैटिक तरीके से सस्पेंड या ब्लॉक हो सकता है और आगे गैस सब्सिडी मिलने में भी परेशानी हो सकती है.

    सरकार अब गैस उपभोक्ताओं का डेटा डिजिटल सिस्टम से जोड़ रही है. PNG कंपनियों और तेल कंपनियों के रिकॉर्ड को मिलाकर ऐसे घरों की पहचान की जाएगी जहां दोनों कनेक्शन एक्टिव हैं. यानी अब यह सोचकर बचना आसान नहीं होगा कि “किसे पता चलेगा.” इस फैसले का सबसे ज्यादा असर शहरी इलाकों में रहने वाले उन परिवारों पर पड़ेगा जिन्होंने सुविधा के लिए दोनों कनेक्शन ले रखे हैं. कई लोग PNG को रोजमर्रा के इस्तेमाल में रखते हैं और इमरजेंसी के लिए LPG सिलेंडर संभाल कर रखते हैं. लेकिन अब उन्हें एक विकल्प चुनना होगा.

    हालांकि सरकार का कहना है कि यह फैसला गैस वितरण को बेहतर बनाने और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. आने वाले समय में PNG नेटवर्क को और तेजी से विस्तार देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइप गैस पहुंच सके. फिलहाल, जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों कनेक्शन हैं, उनके लिए जरूरी है कि वे समय रहते फैसला लें, वरना जुलाई से उनकी गैस सेवा प्रभावित हो सकती है.

     



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