निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की बड़ी उपलब्धि: वर्ष 2025 में दर्ज हुईं 122 एफआईआर, 25 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की बड़ी उपलब्धि: वर्ष 2025 में दर्ज हुईं 122 एफआईआर, 25 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा

    TNP DESK- निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है. निगरानी विभाग द्वारा इस वर्ष कुल 122 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गईं, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक हैं. इसे भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2025 में ट्रैप मामलों में 101 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें रिश्वत लेते हुए 101 सरकारी कर्मियों और पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इन मामलों में कुल ₹37 लाख 80 हजार 300 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई.

    इस वर्ष एक अनोखा मामला भी सामने आया, जिसमें एक पुलिस पदाधिकारी ने रिश्वत के रूप में वाशिंग मशीन की मांग की थी.निगरानी टीम ने इस मामले में अरवल जिले के मूर्तजाली थाना क्षेत्र में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक को गिरफ्तार कर वाशिंग मशीन को जब्त किया.

    निगरानी विभाग की सक्रियता का एक और उदाहरण 27 अगस्त को देखने को मिला, जब एक ही दिन में चार अलग-अलग जिलों में चार अलग-अलग विभागों में छापेमारी कर गिरफ्तारियाँ की गईं. इसके अलावा 17 दिसंबर को दो ट्रैप केस और एक आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया, जिसमें दरभंगा के एक कनीय अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की गई.

    आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी वर्ष 2025 में बड़ी कार्रवाई हुई. इस दौरान कुल 15 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें अब तक ₹12 करोड़ 77 लाख 64 हजार की संपत्ति को लेकर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है.

    इन मामलों में सबसे बड़ा प्रकरण भवन निर्माण विभाग के एक कार्यपालक अभियंता से जुड़ा रहा, जिसके खिलाफ ₹2 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीआईजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि विभाग भ्रष्टाचार के विरुद्ध पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रहा है और आने वाले समय में भी यह अभियान जारी रहेगा.


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