बिहार से बड़ी खबर: केके पाठक ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से दिया इस्तीफा! जानिए क्या है वायरल चिट्ठी की सच्चाई

    बिहार से बड़ी खबर: केके पाठक ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से दिया इस्तीफा! जानिए क्या है वायरल चिट्ठी की सच्चाई

    पटना(PATNA): बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.  इस बाबत एक विभागीय पत्र तेजी से वायरल हो रहा है. पत्र में के के पाठक के द्वारा विभाग को जानकारी दी गई कि वे सवेक्षा से अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं. उसके बाद  पत्र के हवाले से अलग अलग समाचार माध्यमों ने के के पाठक के इस्तीफा की खबर को तेजी से प्रसारित किया. इस बीच हम बता दें कि इस पत्र को लेकर ना तो विभाग के तरफ से और ना ही के के पाठक के तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया आई है. कहा जा रहा कि कुछ शरारती तत्वों ने जान बूझकर इस पत्र को वायरल किया है. हालांकि इस असली और फर्जी पत्र का सत्यापन तो बाद में हो जाएगा लेकिन बिहार का सियासी पारा इस पत्र के बाद उफान पर है समझिए इस रिपोर्ट को विस्तार से 

    जानिए क्या लिखा है चिट्ठी में 

    बता दे कि केके पाठक का एक पत्र वायरल हो गया है, जिसमें ये लिखा गया है कि वे स्वतः अपने पद का परित्याग कर रहे हैं. अफवाह फैलाने वालों ने सरकारी कामकाज का तरीका और नियम को जाने समझे बगैर केके पाठक के इस्तीफे की खबर फैला दी. जानिये क्या है पूरा मामला.

    दरअसल केके पाठक का एक पत्र वायरल हो रहा है. इस पत्र में लिखा गया है, “अधोहस्ताक्षरी, मैं के.के. पाठक, भा.प्र.से.(1990), सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना संख्या -1/पी-1004/2021/सा.प्र.-590 , दिनांक 09.01.2024 के आलोक में आज दिनांक 09.01.2024 के अपराह्न में अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के पद का प्रभार स्वतः परित्याग करता हूं.   (सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/पी-1004/2021/सा.प्र.-590, दिनांक-09.01.2024 द्रष्टव्य.)

     इस पत्र की प्रतिलिपि को शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन सुबोध कुमार ने राज्य सरकार के सारे प्रमुख पदाधिकारियों को भेजा है. इस पत्र के वायरल होने के बाद केके पाठक के इस्तीफे की फर्जी खबर गढ़ दी गयी.

     के.के. पाठक ने अपने पद परित्याग के पत्र में दो दफे बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/पी-1004/2021/सा.प्र.-590 , दिनांक 09.01.2024 का जिक्र किया है. वे कह रहे हैं इस अधिसूचना के आलोक में वे पद का स्वतः परित्याग कर रहे हैं. अब जानिये कि सामान्य प्रशासन विभाग की इस अधिसूचना में क्या लिखा है. बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की इस अधिसूचना में कहा गया है.

    “ के.के. पाठक, भा.प्र.से. (1990), अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-महानिदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान-बिपार्ड, पटना) की दिनांक 08-01-2024 से 16-01-2024 की अवकाश अवधि में श्री बैद्यनाथ यादव, भा.प्र.से. (2007), सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार) शिक्षा विभाग के सम्पूर्ण कार्यो का निष्पादन करेंगे.

    दरअसल, बिहार सरकार ने सरकारी सेवकों के कामकाज के लिए संहिता बना रखी है. उसकी अनुसूची संख्या-53 के तहत किसी महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित अधिकारी को लंबी छुट्टी पर जाने से पहले फार्म 202 भरना पड़ता है. इस फार्म में वे छुट्टी की अवधि तक के लिए अपने पद का परित्याग करते हैं. के.के. पाठक उसी नियम के तहत पद परित्याग का फार्म भर कर छुट्टी पर गये हैं. सरकारी नियमों के मुताबिक जब वे 16 जनवरी के बाद छुट्टी से वापस लौटेंगे तो फिर से पद संभालने का प्रपत्र भरेंगे. 

    इस्तीफे की फैला दी फर्जी खबर

    के.के. पाठक ने सरकारी नियमों के मुताबिक पद परित्याग का फार्म भर कर छुट्टी पर गये हैं. उनके पद परित्याग की औपचारिकता के बाद ही छुट्टी की अवधि में सचिव बैद्यनाथ यादव उनका कामकाज देख सकते हैं.


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