चार्ज करते समय फोन को ऑन रखना पड़ सकता है भारी, वजह जानकर बदल जाएगी आपकी ये आदत


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर लोग स्मार्टफोन चार्ज करते वक्त उसे ऑन ही रखते हैं, लेकिन बहुत कम यूजर्स जानते हैं कि फोन को ऑफ करके चार्ज करने से कई फायदे मिल सकते हैं. भले ही आज के नए स्मार्टफोन इस मामले में ज्यादा संवेदनशील न हों, फिर भी यह आदत फोन की बैटरी और परफॉर्मेंस के लिए फायदेमंद मानी जाती है. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि फोन को स्विच ऑफ करके चार्ज करना क्यों बेहतर हो सकता है.
तेजी से चार्ज होता है फोन
जब फोन बंद रहता है, तो वह नेटवर्क, नोटिफिकेशन या बैकग्राउंड ऐप्स पर बैटरी खर्च नहीं करता. ऐसे में चार्जिंग के दौरान पूरी पावर सीधे बैटरी को मिलती है, जिससे फोन अपेक्षाकृत जल्दी चार्ज हो जाता है. अगर आप जल्दबाजी में हों, तो यह तरीका काफी काम आ सकता है.
बैटरी लाइफ पर पड़ता है अच्छा असर
फास्ट चार्जिंग के दौरान फोन गर्म होना आम बात है. ज्यादा गर्मी बैटरी की सेहत के लिए नुकसानदायक होती है. फोन ऑफ करके चार्ज करने पर हीट कम जनरेट होती है, जिससे बैटरी की उम्र लंबे समय तक बनी रह सकती है.
बैटरी और सॉफ्टवेयर को मिलता है री-कैलिब्रेशन का मौका
कभी-कभी फोन को पूरी तरह बंद करके चार्ज करने से बैटरी और सॉफ्टवेयर खुद को बेहतर तरीके से एडजस्ट कर लेते हैं. इससे छोटे-मोटे सॉफ्टवेयर बग्स दूर हो सकते हैं और बैटरी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर पाती है.
ग्रीन या पिंक लाइन का खतरा होता है कम
कई मामलों में देखा गया है कि चार्जिंग के दौरान ओवरहीटिंग या ऑटो सॉफ्टवेयर अपडेट की वजह से स्क्रीन पर ग्रीन या पिंक लाइन आ जाती है. फोन बंद रखकर चार्ज करने से इस तरह की समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है, खासकर उन मॉडलों में जहां ऐसी शिकायतें सामने आई हैं.
बैटरी ज्यादा देर तक पावर होल्ड करती है
जो लोग फोन को ऑफ करके चार्ज करने की आदत अपनाते हैं, उन्हें महसूस होता है कि चार्ज होने के बाद शुरुआती 15 से 20 प्रतिशत बैटरी धीरे-धीरे खत्म होती है. वजह यह है कि चार्जिंग के समय कोई भी सिस्टम प्रोसेस बैटरी इस्तेमाल नहीं करता, जिससे बैटरी पूरी तरह से चार्ज होकर पावर को बेहतर तरीके से होल्ड कर पाती है. कुल मिलाकर, फोन को कभी-कभार स्विच ऑफ करके चार्ज करना एक अच्छी आदत हो सकती है, जो बैटरी की सेहत और फोन की परफॉर्मेंस दोनों के लिए फायदेमंद साबित होती है.
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