झारखंड में जमीन का खेल! विधायक ने पूछा-जमीन खरीदने वाला दोषी तो नक्शा और अन्य सुविधा देने वाला साफ कैसे


रांची (RANCHI): झारखंड में जमीन घोटालों का मामला एक बार फिर विधानसभा में गूंजा. अदालत के आदेश के बाद कई इलाकों में अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं. इसी संदर्भ में सदन में सवाल उठाया गया कि यदि सीएनटी की जमीन गलत तरीके से खरीदी-बेची जा रही है तो फिर ऐसे मामलों में नक्शा पास करने, बिजली कनेक्शन देने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले अधिकारी कैसे बच जाते हैं.
कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि राज्य में अवैध स्थानांतरण का खेल चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएनटी की जमीन पर गैरकानूनी तरीके से खरीद-बिक्री कर बड़ा खेल किया जा रहा है. उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा और आदिवासी क्षेत्रों की स्थिति प्रभावित होती रहेगी. उनका कहना था कि अवैध रूप से मकान बनाकर लोग बस रहे हैं, जिससे आदिवासी इलाकों की जनसंख्या संरचना बदल रही है और पूरा सामाजिक ढांचा प्रभावित हो रहा है.
मंत्री दीपक बिरुआ ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों की जांच कराई जाएगी. यदि सीएनटी जमीन के अवैध हस्तांतरण के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.
इस पर कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने भी मुद्दा आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि रांची इसका उदाहरण है. पहले यहां की विधानसभा सीट आदिवासी आरक्षित थी, लेकिन धीरे-धीरे स्थानांतरण बढ़ने से अब वह सामान्य श्रेणी में आ गई. उन्होंने कहा कि यदि जमीन की अवैध बिक्री हो रही है और उसके दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि जैसे चोरी के मामले में केवल चोर ही नहीं, बल्कि खरीददार और सहयोगी पर भी कार्रवाई होती है, वैसे ही जमीन के अवैध खेल में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
रिपोर्ट : समीर हुसैन
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