Jharkhand Assembly Election: संथाल में घुसपैठ बनाम संथाल के बंटवारे का मुद्दा क्यों रहेगा हावी, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    Jharkhand Assembly Election: संथाल में घुसपैठ बनाम संथाल के बंटवारे का मुद्दा क्यों रहेगा हावी, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड विधानसभा चुनाव में घुसपैठ का मुद्दा हावी रहेगा .इसकी जमीन तैयार हो रही है.भाजपा इस मुद्दे को पूरी तरह से हवा देने का प्रयास कर रही है तो झारखंड मुक्ति मोर्चा भी संथाल में अपने किले को बचाने के लिए रास्ता खोज लिया है. भाजपा के घुसपैठ के मुद्दे के सामने वह संथाल परगना के बंटवारे का मुद्दा उठाकर चुनाव में जाएगा.

     घुसपैठ मामले की जांच रही है ED

    वैसे तो प्रवर्तन निदेशालय ने अब झारखंड में घुसपैठ मामले की भी जांच शुरू कर दी है. 4 जून को बरियातू थाने में दर्ज केस के आधार पर जांच शुरू की गई है. बरियातू थाने की पुलिस ने तीन बांग्लादेशी युवतियों को गिरफ्तार किया था. यह तीनों अवैध तरीके से बॉर्डर पार कर रांची पहुंची थी. इसी मामले को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू की है.

    संथाल परगना में आदिवासियों के बीच पैठ बनाने का काम कर रही भाजपा

    संथाल परगना भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण है, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा का तो गढ़ ही संथाल परगना रहा है. भाजपा  संथाल परगना में आदिवासियों के बीच पैठ बनाने के लिए रणनीति पर काम कर रही है. इसके लिए कोल्हान के टाइगर चंपाई सोरेन, झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़ भाजपा में शामिल हुए लोबीन हेंब्रम और शिबू सोरेन की बहू सीता सोरेन को विशेष तौर पर लगाया गया है. यह तीनों नेता झारखंड मुक्ति मोर्चा से भाजपा में शामिल हुए हैं. चंपाई सोरेन ने संथाल परगना का दौरा भी किया है. भाजपा के बड़े नेताओं का संथाल परगना में दौरा भी जारी है. इसके काट के लिए झामुमो संथाल परगना के बंटवारे का मुद्दा उठा दिया है.

    संथाल परगना में घुसपैठ बनाम बंटवारे के मुद्दे पर लड़ा जाएगा चुनाव

    निश्चित रूप से संथाल परगना में चुनाव घुसपैठ बनाम बंटवारे के मुद्दे पर लड़ा जाएगा .इसकी पूरी संभावना दिख रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार भाजपा पर हमलावर हैं .उन्होंने बुधवार को जामताड़ा में भाजपा पर फिर एक बार प्रहार किया. कहा कि लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने जात-पात की राजनीति करने वाली भाजपा को 6 इंच छोटा कर दिया है. ऐसा ही परिणाम झारखंड विधानसभा चुनाव में आने वाला है. भाजपा ने हिंदू ,मुस्लिम की बातें कर देश को बांटने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि एक तरफ सामंतवादी, गरीबों का खून चूसने वाली और सांप्रदायिकता फैला कर चुनाव लड़ने वाली सरकार है, तो दूसरी तरफ गांव, गरीब और मजदूर की सरकार है. फैसला आपको करना है

    . 2019 के चुनाव में भी भाजपा संथाल परगना पर फोकस किया था. लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा को पूरी तरह से परास्त नहीं कर सकी थी. लोकसभा चुनाव में दुमका सीट भी भाजपा हार गई. 2024 के चुनाव में संथाल परगना एक बार फिर भाजपा के निशाने पर है.

    संथाल परगना और कोल्हान 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टारगेट में रहेंगे

    परिवर्तन यात्रा के बहाने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 को साहिबगंज पहुंचेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री दोपहर 12 बजे साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में स्वतंत्रता सेनानी सिद्धू कान्हू की जन्मस्थली पहुंचेंगे. श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद 12:30 बजे साहिबगंज जिले के पुलिस लाइन मैदान जाएंगे और वहां संथाल परगना परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ करेंगे. फिर जनसभा को संबोधित करेंगे. फिर वहां से गिरिडीह के लिए रवाना हो जाएंगे. जो भी हो लेकिन संथाल परगना और कोल्हान 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टारगेट में रहेंगे. यह अलग बात है कि संथाल परगना में भी और कोल्हान में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा अपनी रणनीति के साथ काम करना शुरू कर दिया है. देखना दिलचस्प होगा कि कोल्हान और संथाल परगना में भाजपा कितनी सीटें अपने खाते में कर पाती हैं. वैसे चंपाई सोरेन के भाजपा में शामिल होने के बाद कोल्हान को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा पूरी तरह से गंभीर है. और हाल के दिनों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पांच बार कोल्हान की यात्रा कर चुके हैं. चुनाव के पहले कोल्हान के विधायकों को एकजुट रखना झामुम के लिए चुनौती होगी तो भाजपा चंपाई सोरेन  को आगे कर तोड़फोड़ की कोशिश करेगी .अपने मकसद में कौन कितना सफल होगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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