जेडीयू के बिगड़ेल विधायक गोपाल मंडल चाहते है कि नीतीश कुमार बनें देश के प्रधानमंत्री, ‘’खड़गे को तो कोई जानता ही नहीं है’’

    जेडीयू के बिगड़ेल विधायक गोपाल मंडल चाहते है कि नीतीश कुमार बनें देश के प्रधानमंत्री, ‘’खड़गे को तो कोई जानता ही नहीं है’’

    टीएनपी डेस्क(Tnp desk):- जेडीयू के एक विधायक है, जिनके बिगड़ेल बोल और करतूतों से लगातार सुशासन बाबू की सरकार की धज्जियां उड़ते रहती है. बावजूद, उन पर एक्शन कभी नहीं लिया जाता . कभी पिस्तौल लेकर अस्पताल में लहराते दिखाते हैं, तो सरे आम पत्रकारों की टोली को गाली-गलौज कर देते हैं. तो कभी मुआवजा मांगने पर पीड़ित को थप्पड़ ज़ड़ देते हैं. उनके इस तरह के कारनामे से उनकी फजीहत तो होती ही है. साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी लपेटे में आकर  बदनाम हो जाते हैं. विपक्ष लगातार इसे लेकर निशाना बनाता है. लेकिन, गोपाल मंडल पर कुछ नहीं होता. सच्चाई ये है कि जब भी मुंह खोलते हैं, तो विवाद हो ही जाता है.

    नीतीश बनें देश के प्रधानमंत्री

    अपने कारनामों से तो इनकी जग हंसाई होती ही है. लेकिन, इस बार तो उन्होंने इंडिया गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस पर ही सख्त टिप्पणी कर दी. हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफदारी करते हुए प्रधानमंत्री बनाने की वकालत भी कर डाली . दरअसल, गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल चाहते है कि नीतीश कुमार ही देश के प्रधानमंत्री बनें, इसके लिए वे ही योग्य व्यक्ति है. उनकी माने तो इंडिया गठबंधन में वही ऐसे उम्मीदवार है, जिन्हें देश में बच्चा-बच्चा जानता है. मल्लिकाअर्जुन खरगे का नाम पीएम के तौर पर सामने आने पर उनका बोलना था कि उनको तो कोई जानता भी नहीं है. भला खरगे नाम आखिर लोग कहां से उठाकर ले आते हैं. इस नाम को तो वे खुद भी नहीं जानते हैं. उनसे कही ज्यादा पहचान तो नीतीश कुमार की है, जिन्होने इंडिया गठबंधन को बनाने के लिए देश भर में घूमे.

    सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस पर हमला

    बेशक गोपाल मंडल कितने भी विवादों में फंसे, लेकिन एक चिज तो साफ दिखाई पड़ती है कि नीतीश कुमार के खूब प्रशंसक हैं. इसे लेकर इंडिया गठबंधन की सबसे बड़ी सहयोगी कांग्रेस को भी तंज मारने से पीछे नहीं हटे. सीट शेयरिंग पर उनका साफ कहना है कि जेडीयू को 17 सीटें बिहार में मिलनी चाहिए, कोई नाराज रहे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. इस पर उनका तर्क था कि कांग्रेस को 40 सीट दे देने से क्या सभी सीट पर जीत ही जायेगी ? उनकी माने तो बिहार में जदयू ही सबसे पॉपुलर है. गोपालपुर विधायक ने भागलपुर के कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा पर भी निशाना साधा औऱ बोल गये है कि भागलपुर में तो उनकी पकड़ ही नहीं है. बल्कि वे तो पैसे के बल पर चुनाव जीतते हैं. भागलपुर में कांग्रेस तो भागवत झा आजाद के समय से ही खत्म हो गई. उनका दावा था कि हिन्दुस्तान में भले कांग्रेस बड़ी पार्टी होगी, लेकिन बिहार में सबसे बडी पार्टी जेडीयू ही है.

    गोपाल मंडल पर है कई केस दर्ज  

    सच्चाई ये है कि राजनीतिक गलियारों में गोपाल मंडल के बयानों को कोई उतनी तवज्जों नहीं देता . इसके पीछे वजह ये है कि उनकी हरकते ही ऐसी रही है कि वे विधायक कम विलेन ज्यादा नजर आते हैं. अगर उनकी कारस्तानियों पर नजर घुमाए तो उन पर चार केस दर्ज हैं. जिसमे तीन भागलपुर औऱ एक आरा में है. अस्पताल में खुलेआम बंदुक लहराकर धमकाना, पटना में पत्रकारों को गंदी-गंदी गालियां देना, ट्रेन की बोगी में बेशर्मी की हद को तोड़ते हुए अंडरवीयर पहनकर घूमना औऱ सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप उन पर लगे हैं औऱ केस भी दर्ज है. इतनी दबंगई और बदमाशी करने के बावजूद गोपाल मंडल सुधरते ही नहीं हैं. नीतीश बाबू के इस विधायक की जब भी सुर्खिया अखबारों में आती है. तो कुछ न कुछ बखेड़ा ही उनके नाम पर जुड़ा रहता है.

    खैर गोपाल मंडल की चाहत है कि नतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री हैं. अब आगे देखना है कि इंडिया गठबंधन में पीएम कैडिडेट के रेस में सुशासन बाबू है भी या नहीं. क्योंकि अभी मसला सीटों के बंटवारे को ही लेकर फंसा हुआ है. इस अड़चन के पार होने और इसके बाद चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद ही इंडिया गठबंधन में सर्वसम्मति से फैसला होगा कि आखिर पीएम कौन बनेगा. फिलहाल, अभी सभी की अपनी-अपनी डफली औऱ अपनी राग औऱ अंदर की ख्वाहिशें ही झलकती है.



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