TNP डेस्क : राजधानी रांची से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के अनुसार, कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के करीबी माने जाने वाले राहुल राणा सिंह को न सिर्फ बॉडीगार्ड मुहैया कराया गया, बल्कि उसके आवागमन के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट भी दिया जाता था.
इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है. आमतौर पर इस तरह की सुरक्षा केवल जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों या संवेदनशील व्यक्तियों को दी जाती है, ऐसे में एक कथित तौर पर गैंगस्टर के करीबी को यह सुविधा मिलना कई सवाल खड़े करता है.
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि राहुल राणा सिंह रांची के लालपुर इलाके का निवासी है और विभिन्न व्यवसायों से जुड़ा हुआ है. शुरुआत में उसका नाम सूअर पालन जैसे कारोबार से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपने कारोबार का विस्तार किया.
इसी दौरान उसकी नजदीकियां गैंगस्टर प्रिंस खान से बढ़ीं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2023 में राहुल दुबई गया था, जहां वह एक भव्य पार्टी में शामिल हुआ. दावा किया जा रहा है कि इस पार्टी का आयोजन प्रिंस खान द्वारा किया गया था.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
दुबई में आयोजित पार्टी के कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें राहुल अपने दोस्तों के साथ नजर आ रहा है. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद दोनों के बीच करीबी संबंधों की चर्चा तेज हो गई.
दुबई ट्रिप के बाद बढ़ी सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक, दुबई यात्रा के बाद राहुल राणा सिंह को रांची में सुरक्षा प्रदान की जाने लगी. उसके साथ बॉडीगार्ड तैनात किया गया और कई मौकों पर पुलिस एस्कॉर्ट भी उपलब्ध कराया गया.
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में राहुल को सुरक्षा कर्मियों के साथ देखा गया, जिससे इस मामले को और बल मिला.
दोस्त भी उठा रहा था फायदा
इस मामले में राहुल के करीबी कौशल पांडे का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि उसने भी इस सुरक्षा का लाभ उठाया. हाल ही में पुलिस ने कौशल पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.
पुलिस की चुप्पी, जांच जारी
पूरे मामले पर फिलहाल रांची पुलिस खुलकर कुछ भी कहने से बच रही है. वरीय पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
उठ रहे हैं बड़े सवाल
- आखिर किस आधार पर राहुल राणा सिंह को सुरक्षा दी गई?
- क्या सुरक्षा देने में नियमों का पालन किया गया?
- क्या इसमें किसी प्रभावशाली व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका है?
इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पायेगा. यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति को मिली सुरक्षा का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा हुआ है. अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाएगी.
Thenewspost - Jharkhand
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