नौकरी के क्षेत्र में महागठबंधन की ताबड़तोड़ बैटिंग, कैबिनेट की बैठक के पहले ही नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर शिक्षा मंत्री का हस्ताक्षर, तीन लाख नौकरियों का रास्ता साफ

    नौकरी के क्षेत्र में महागठबंधन की ताबड़तोड़ बैटिंग, कैबिनेट की बैठक के पहले ही नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर शिक्षा मंत्री का हस्ताक्षर, तीन लाख नौकरियों का रास्ता साफ

    पटना(PATNA): महागठबंधन की सरकार रोजगार के क्षेत्र में ताबडतोड़ वैटिंग करती नजर आ रही है, उसकी कोशिश जल्द से जल्द 10 लाख नौकरियों के अपने वादों को पूरा करने की है.

    इसे इससे भी समक्षा जा सकता है कि अब तक जिस शिक्षक नियुक्ति नियमावली को कैबिनेट की बैठक में भी नहीं रखा गया है, उस पर भी शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चन्द्रशेखर का मुहर लग चुका है.

    नौकरी के वादे से पीछे हटने को तैयार नहीं है राजद

    साफ है कि सरकार और खासकर राजद नौकरियों के अपने वादे से पीछे हटने को तैयार नहीं है, वह जल्द से जल्द अपने लक्ष्य को पूरा करना चाहती है. अपने ट्विटर अकाउंट पर इस फैसले की जानकारी देते हुए प्रोफेसर चन्द्रशेखर ने लिखा कि सरकार वर्ष 2023 में करीबन तीन लाख युवाओं को नौकरी देने जा रही है, इस प्रकार हम जल्द ही 10 लाख नौकरियां देने का अपना वादा पूरा करेंगे.

    तीन लाख नौकरियों का रास्ता साफ

    शिक्षा मंत्री की इस पहल के साथ ही बिहार में तीन लाख नौकरियों का रास्ता साफ हो गया है, अब इस नई नियमावली को कैबिनेट की आगामी बैठक में रखा जायेगा और उसके बाद सातवें चरण की शिक्षक बहाली की प्रक्रिया शुरु हो जायेगी.

    सारी जानकारी वेबासाइट पर होगी, सब कुछ सरल और पारदर्शी होगा

    इसके साथ ही नई नियमावली की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर इसकी पूरी जानकारी होगी, साथ ही शिक्षकों का विवरण भी होगा, पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है. आवेदन देने के लिए एक केन्द्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है, अभ्यर्थियों को केवल एक आवेदन करना होगा और एक ही आवेदन सभी जिलों के लिए मान्य होगा, इससे आवेदकों को पैसे और समय दोनों की बचत होगी.  

    पुरानी नियमावली की सारी जटिलताएं समाप्त

    यहां यह भी बता दें कि नई नियमावली में पुरानी व्यवस्था की जटिलताओं को समाप्त करते हुए 9 हजार नियोजन इकाईयों के स्थान पर मात्र 38 नियोजन इकाईयों का गठन किया गया है. इसका मतलब यह है कि हर जिले में एक नियोजन इकाई होगी. इसके पहले जिले के अन्दर भी अलग अलग नियोजन इकाईयां होती थी. जिस जिले में आवेदक की नियुक्ति होगी, वही उसका जिला संवर्ग होगा. पूर्व की नियमावली में शिक्षकों का संवर्ग जिले के अधीन विभिन्न नियोजन इकाईयों में होता था.



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