रांची में एक सिपाही ने इंस्पेक्टर को मिनटों में करा दिया सस्पेंड, जानिए क्या है पूरा मामला


रांची(RANCHI): अबतक तो रंगबाज इंस्पेक्टर की तस्वीर देखी थी लेकिन झारखंड पुलिस का एक ऐसा दबंग सिपाही है जिसके सामने आईपीएस की भी नहीं चलती. इतना रंगबाज है कि बिना नंबर की गाड़ी से घूमता है और किसी से नहीं डरता. अगर कोई रोक दे फिर क्या सिपाही गुस्से में लाल हो जाता है और किसी ओहदे वाले साहब को फोन लगा कर रोकने वाले अधिकारी को मिनटों में निलंबित करवा देता है. कुछ ऐसी ही तस्वीर रांची में देखने को मिली. जब एक इंस्पेक्टर बाबू को सिपाही की चेकिंग करना महंगा पड़ा और थानेदार को लाइन क्लोज कर दिया गया.
आम तौर पर सिपाही का रैंक इंस्पेक्टर से काफी नीचे होता है. दरोगा का आदेश उसको मानना पड़ता है लेकिन रांची का यह सिपाही दरोगा तो छोड़ियों आईपीएस की भी बात नहीं सुनता है और सीएम साहब से भी डरता है. एक दिन पहले ही रांची के कोतवाली थाना प्रभारी को अचानक देर रात लाइन क्लोज कर दिया गया.
अब पहले इस लाइन क्लोज को समझना होगा. दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद रांची की सड़कों पर बिना काफिले के निकले. जिसके बाद शहर का जायजा लिया और फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर ऐसा हो. जहां खुल कर कोई घर से बाहर निकल सके. ट्रैफिक से लेकर सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाए. इस आदेश के बाद रांची के वरीय पुलिस अधिक्षक राकेश रंजन ने सभी थानेदार को सख्त आदेश दिया कि रात्रि गश्ती के साथ-साथ थानेदार खुद सड़क पर निकल कर चेकिंग करें.
जिससे शहर में कोई अवैध गतिविधि ना हो. अपराधियों पर नकेल कसा जा सके. बस इसी आदेश को पालन करने के लिए कोतवाली थानेदार आदिकान्त सड़क पर निकले. आने जाने वाले वाहनों की जांच कर रहे थे. इसी बीच बिना नंबर की एक स्कूटी आती दिखी. जिसमें कोई नंबर नहीं था. इंस्पेक्टर ने उसे रुकने का इशारा किया. बस यही से कहानी शुरू हो गई. सिपाही खुद रुका और थानेदार पर चिल्लाना शुरू कर दिया.
बात बढ़ते चली गई. अब तक थानेदार को यह मालूम नहीं था की वह सिपाही रसूख वाला है. और पूरे सिस्टम को अपने उंगली पर नचा सकता है. जब बहस हुई और इतने में गाड़ी के पेपर की मांग करने पर कोई जवाब नहीं मिला तो जिस तरह से आम लोगों पर कार्रवाई होती है उसी तरह सिपाही की भी गाड़ी जब्त कर ली गई.
बस यही से बखेड़ा शुरू हुआ. सिपाही ने तुरंत फोन किया. फोन पर कौन था यह अब तक थानेदार को नहीं मालूम. लेकिन कॉल करने से पहले दरोगा को सिपाही ने कहा अभी तुम्हें बताते है.कुछ फोन रखने के कुछ मिनट के बाद ही कोतवाली डीएसपी मौके पर पहुंचे फिर देखते ही देखते नगर पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे. तब तक थानेदार को कोई जानकारी नहीं थी.
इसके बाद जब SSP ने देर रात की कार्रवाई कर दी और दरोगा को लाइन क्लोज कर दिया तब इसकी जानकारी लगी की वह तो बड़े ओहदे वाले साहब का अंगरक्षक है और मिनट भर में पूरे पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया.
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