ऑफिस में बॉस या कलिग कर रहा है फालतू का परेशान, तो आप इस तरह सीखा सकतीं है सबक, जान लें कानूनी अधिकार


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):जो लोग भी सरकारी या गैर सरकारी ऑफिस में काम करते है वह कभी ना कभी अपने सीनियर बॉस के उत्पीडन या भेदभाव का शिकार जरूर होते है खासकर कॉर्पोरेट सेक्टर में यह शिकायत कुछ ज्यादा आती है, जहां बॉस का अपने पसंदीदा कर्मचारियों को कुछ ज्यादा ही तवज्जो देते है.बॉस बिना काम के ही केवल चाटूकारिता के आधार पर उसका प्रमोशन कर देता है. वही वेतन वृद्धि भी हो जाती है और हंसकर बात भी करता है.वही , इसके उल्टा आप अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निर्वाह करते है, ऑफिस सही समय पर आते है, अपने प्रोजेक्ट को पूरा करते है, लेकिन फिर भी बॉस आपको डांट फटकार लगाता रहता है.
फेवरेटिज्म कल्चर क्या है
इस तरह के मामले को फेवरेटिज्म कल्चर कहा जाता है जो आजकल काफी ज्यादा है ट्रेंड में चल रहा है, इसका मतलब यह है कि आप अच्छा काम करते हुए भी बॉस के नजर में बुरे बन जाते है.वही कुछ लोग जो काम के काबिल नहीं है या प्रमोशन डीजर्व नहीं करते है फिर भी उनको वह सारा कुछ मिल जाता है जिसका हक़दार भी वह नहीं है.अगर आपके साथ भी ऐसा भेदभाव या उत्पीडन होता है तो आपका काम में मन नहीं लगता है.वही आपको कभी-कभार अपनी काबिलियत पर भी शक होने लगता है.
किसी के साथ कोई नहीं कर सकता है गलत व्यवहार
यदि आपके ऑफिस में भी ऐसा कुछ आपके साथ हो रहा है तो आप इसके खिलाफ आवाज उठा सकते है और कानूनी कार्रवाई भी कर सकते है.आज हम आपके ऑफिस में हो रहे अत्याचार भेदभाव के खिलाफ़ बने भारतीय कानून की जानकारी देंगे कि कैसे आप कानून का सहारा लेकर अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते है.क्योंकि किसी को भी आपके साथ गलत व्यवहार करना या उत्पीडन, भेदभाव करने का अधिकार नहीं है.
सबूत करे ईकट्ठा
यदि आपका बॉस या सीनियर आपके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा है या आपको किसी ना किसी तरह से परेशान करने की कोशिश कर रहा है,तो आप सबूतों को एकट्ठा कर सकते है अगर आपको ईमेल, मैसेज या किसी अन्य तरीके से मैसेज कॉल किया गया है तो उसको भी रिकॉर्ड करके रखें और समय आने पर इसको सबूतों के तौर पर पेश करें.
बॉस या मैनेजर से जाकर सीधे बात करना चाहिए
यदि आपका सीनियर आपके साथ कुछ ऐसा कर रहा है तो आप अपने बॉस या मैनेजर से जाकर सीधे बात करना चाहिए.
वही यदि बॉस ही आपके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा है तो आप सीधे जाकर कंपनी के मालिक से बात कर सकते है क्योंकि बहुत बार ऐसा होता है कि कंपनी में क्या चल रहा है मलिक को कुछ भी खबर नहीं होती है.
HR से संपर्क कर सकते है
यदि आपके साथ काम करने वाले सहकर्मी ही आपके साथ ऐसा कुछ कर रहे हैं तो आप HR से संपर्क कर सकते है और इसके साथ ही आंतरिक शिकायत समिति यानी आईसीसी में शिकायत कर सकते है.यदि एचआर से बात करने में आप मुश्किल हो रही हैं तो आप अपने सीनियर से बात कर सकते है.
आईपीसी के तहत कार्रवाई कर सकते है
यदि आपको मानसिक या शारीरिक तौर पर बॉस परेशान कर रहा है तो आप आईपीसी के तहत कार्रवाई कर सकते है और बॉस को सीधे जेल की हवा खिला सकते है.आपको सबसे पहले एक ऐसे वकील से बात करनी होगी जो कार्यस्थल पर उत्पीड़न या रोजगार शिकायतों का विशेषग्य हो.वह आपको सही जानकारी देगा कि आपको आगे कौन सा कदम उठाना चाहिए.
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