टीएनपी डेस्क(TNP DESK): आज के दौर में हर छात्र का सपना होता है कि वह विदेश की बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करे, इंटरनेशनल डिग्री हासिल करे और अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए. लेकिन विदेश में पढ़ाई का खर्च इतना ज्यादा होता है कि कई मेधावी छात्र आर्थिक कारणों से अपना सपना पूरा नहीं कर पाते. ऐसे ही छात्रों के लिए झारखंड सरकार एक स्कॉलरशिप योजना चला रही है, जिसका नाम है ‘मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना’. यह योजना उन छात्रों के लिए किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है, जो विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं.
यह योजना झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जाती है. इस स्कीम का उद्देश्य राज्य के मेधावी छात्रों को दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में पढ़ने का मौका देना है. शुरुआत में यह योजना सिर्फ अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर SC, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को भी शामिल किया गया.
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना'इस स्कॉलरशिप योजना के तहत चयनित छात्रों की पढ़ाई का लगभग पूरा खर्च सरकार उठाती है. इसमें ट्यूशन फीस, रहने-खाने का खर्च, यात्रा खर्च और अन्य जरूरी खर्च शामिल होते हैं. योजना के तहत छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए लाखों रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. कुछ मामलों में ट्यूशन फीस के लिए प्रावधान भी बताया गया है.
योजना के तहत छात्रों को मासिक भत्ता, परीक्षा शुल्क, और आने-जाने के लिए इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा की सुविधा भी दी जाती है. यही कारण है कि यह योजना झारखंड के युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इस योजना का लाभ केवल झारखंड के स्थायी निवासी छात्रों को दिया जाता है. आवेदन करने वाले छात्र का शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा होना जरूरी है. छात्र की अधिकतम आयु सामान्य तौर पर 35 वर्ष तक निर्धारित की गई है. साथ ही छात्र को किसी प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालय से एडमिशन ऑफर या ऑफर लेटर प्राप्त होना चाहिए.
योजना के तहत SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए सीटों में आरक्षण का प्रावधान भी रखा गया है. यह योजना मुख्य रूप से यूनाइटेड किंगडम यानी UK की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के लिए शुरू की गई थी. बाद में इसमें कई अन्य संस्थानों और विषयों को भी शामिल किया गया. छात्र मास्टर्स, एमफिल, एमए, एमबीए और रिसर्च आधारित कोर्स में दाखिला लेकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इस योजना में पब्लिक पॉलिसी, लॉ, ह्यूमन राइट्स, पर्यावरण विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, कृषि, मीडिया एंड कम्युनिकेशन, खेल चिकित्सा, समाजशास्त्र, पर्यटन और सतत विकास जैसे कई महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं.
शुरुआत में इस योजना के तहत सीमित छात्रों का चयन किया जाता था, लेकिन समय के साथ सरकार ने इसकी सीटें बढ़ा दी हैं. हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, योजना के तहत छात्रों की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 तक कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाशाली युवाओं को विदेश में पढ़ने का अवसर मिल सके.
छात्र इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के दौरान निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और विदेशी यूनिवर्सिटी का ऑफर लेटर जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं. आवेदन प्रक्रिया सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाती है.
आज के समय में विदेश में पढ़ाई करना हर किसी के बस की बात नहीं होती. लाखों रुपये की फीस और रहने का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे में झारखंड सरकार की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है. यह स्कॉलरशिप सिर्फ आर्थिक मदद नहीं देती, बल्कि राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी देती है. अगर आप भी विदेश में पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, तो ‘मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना’ आपके लिए बड़ा मौका साबित हो सकती है. सही जानकारी और समय पर आवेदन करके आप भी दुनिया की बड़ी यूनिवर्सिटीज तक पहुंच सकते हैं.

