पैसे की जरुरत है और Loan लेना है मज़बूरी, तो इन बातों को जरूर जान लें नहीं पड़ जाएंगे लेने के देने!


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): नए साल की शुरुआत के साथ ही कई लोग घर, गाड़ी या निजी जरूरतों के लिए लोन लेने का मन बनाते हैं. हाल के वर्षों में रेपो रेट में कटौती के बाद बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ओर से सस्ते लोन के आकर्षक ऑफर भी सामने आ रहे हैं. लेकिन सिर्फ कम ब्याज दर देखकर जल्दबाजी में कर्ज लेना आगे चलकर भारी पड़ सकता है. लोन लेने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और शर्तों को समझना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं वे अहम बातें, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है.
1. अपनी भुगतान क्षमता को परखें
लोन लेते समय भावनाओं में नहीं, बल्कि आंकड़ों में सोचें. विशेषज्ञों के मुताबिक होम लोन की ईएमआई आपकी हाथ में आने वाली सैलरी के आधे से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. पर्सनल लोन के लिए यह सीमा करीब 10 प्रतिशत और वाहन लोन के लिए लगभग 15 प्रतिशत तक सुरक्षित मानी जाती है. भविष्य की संभावित कमाई के भरोसे आज बड़ा कर्ज लेना जोखिम भरा हो सकता है.
2. ब्याज दरों की सही तुलना करें
अधिकांश बैंक अब फ्लोटिंग रेट लोन को रेपो रेट से जोड़ चुके हैं, जिससे दरें घटने का फायदा ग्राहकों को मिलना चाहिए. हालांकि, सभी फाइनेंस कंपनियों पर यह नियम लागू नहीं होता. इसलिए लोन लेने या ट्रांसफर करने से पहले अलग-अलग संस्थानों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना जरूर करें.
3. बीमा सुरक्षा को नजरअंदाज न करें
लोन एक लंबी जिम्मेदारी होती है. किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार पर बोझ न पड़े, इसके लिए लोन राशि के बराबर टर्म इंश्योरेंस लेना समझदारी है. ध्यान रखें कि बैंक द्वारा दिए जाने वाले लोन-लिंक्ड इंश्योरेंस कई बार सामान्य टर्म प्लान से महंगे होते हैं.
4. क्रेडिट स्कोर मजबूत रखें
अच्छा क्रेडिट स्कोर सस्ते लोन की कुंजी है. समय पर ईएमआई चुकाना, जरूरत से ज्यादा लोन पूछताछ से बचना और क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच करना जरूरी है. एक भी चूक आपके स्कोर को नुकसान पहुंचा सकती है.
5. लोन की अवधि जितनी हो सके कम रखें
लंबी अवधि की ईएमआई भले ही हल्की लगे, लेकिन कुल ब्याज काफी ज्यादा हो जाता है. आय बढ़ने पर ईएमआई बढ़ाने, बोनस या अतिरिक्त कमाई से प्री-पेमेंट करने की आदत डालें. इससे लोन जल्दी खत्म होगा और ब्याज पर बड़ी बचत होगी. कुल मिलाकर, लोन लेते समय जल्दबाजी नहीं, बल्कि सही योजना और समझदारी ही आपको आर्थिक परेशानी से बचा सकती है.
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