टीएनपी डेस्क(TNP DESK):मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से इन दिनों भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है. हलांकी सरकार की ओर से लगातार यह बात कही जा रही है कि देश में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई हो रही है.देश में एलपीजी गैस की किल्लत नहीं है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. लोग गैस एजेंसी के कार्यालय और गोदाम के चक्कर लगा रहे है फिर भी दिन भर मेहनत करने के बावजूद खाली हाथी घर लौटाना पड़ रहा है.वही गैस एजेंसी के ग्राहक लगातार कालाबाजारी का आरोप गैस एजेंसी पर लगा रहे है.
लोगों के मन में सवाल उठाना लाजमी
जब आप गैस एजेंसी से सिलेंडर लेने जाते है तो आपको पर्ची कटवानी पड़ती है वही इसका ऑनलाइन एंट्री भी होती है.ऐसे में बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि एक सिलेंडर पर एक गैस एजेंसी के मालिक को कितना का फ़ायदा होता है. आज जिस तरह से देश में एलपीजी गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है उसको देखते हुए लोगों के मन में ये सवाल उठाना लाजमी भी है.
गैस एजेंसी के मालिक की कमाई कितनी
आख़िर गैस एजेंसी के मालिक की कमाई कितनी होती होगी जिसका जवाब आज हम आपको सही-सही देने वाले है.आपको बता दें कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर 14.2 किलो के वजन वाला 953 में मिल रहा है जिसमे से एक गैस सिलेंडर पर एजेंसी के मालिक को 75 से 80 रुपये का कमीशन दिया जाता है.जिसमे डिलीवरी चार्ज भी होता है. उदाहरण के तौर पर हम आपको समझाते है कि एक गैस एजेंसी को एक सिलेंडर से 75 से 80 रुपये का मुनाफ़ा कैसे मिलता है.मान लीजिये एक महीने में एक गैस एजेंसी 10000 सिलेंडर सप्लाई करती है जिसका कमीशन 8 लाख रुपए है यानी 10000×80 होगा.वही इसमे आप स्टाफ, ईंधन और किराया के खर्चे निकाल दे तो मुनाफा 2 से 3 लाख रुपये तक का होता है.
कॉमर्शियल सिलेंडर पर कितना फायदा
ये तो घरेलू सिलेंडर की बात हो गई है अब चलो कमर्शियल सिलेंडर की बात कर लेते है तो कमर्शियल सिलेंडर पर गैस एजेंसी का कमीशन सभी तेल मार्केटिंग कंपनियों ओएमसी तय करती है.आपको बता दे कि घरेलू गैस सिलेंडर से कमर्शियल गैस सिलेंडर का वजन और रेट दोनों ही ज्यादा होता है जहां कमीशन 50 से लेकर 100 रुपये तक से भी ज्यादा का हो सकता है. पीपीएससी समय-समय पर कमीशन के प्रतिशत में बदलाव करता रहता है.जिससे गैस एजेंसी का कमीशन घटता बढ़ता है.
Thenewspost - Jharkhand
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