देवघर की रोज मौसी महाकुंभ जाकर कैसे बन गई रोजानंद गिरी, जानिए पूरी कहानी

    देवघर की रोज मौसी महाकुंभ जाकर कैसे बन गई रोजानंद गिरी, जानिए पूरी कहानी

    देवघर (DEOGHAR) : देवघर के बंधा मुहल्ले की रहने वाली रोज सिंह एक किन्नर है. जो इस क्षेत्र में रोज मौसी के नाम से प्रसिद्ध है. इनके द्वारा सालों भर सामाजिक कार्य किया जाते आ रहा है. स्थानीय स्तर पर किन्नर समाज की मुखिया होने के कारण किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी इनकी परमगुरु है. प्रयागराज में लगी महाकुंभ में रोज सिंह किन्नर अखाड़ा की हिस्सा बनी और अपने परम गुरु के साथ रही.

    रोज सिंह ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने इन्हें झारखंड किन्नर अखाड़ा का महामंडलेश्वर घोषित किया है और इनका नामकरण रोज़ सिंह से रोजानंद गिरी हुआ. हालांकि पट्टाभिषेक अभी बाकी है. प्रयागराज से देवघर आने के बाद रोजानंद गिरी बहुत खुश है. इन्होंने बताया कि प्रयागराज में बहुत बेहतर व्यवस्था है. मूलभूत सुविधाओँ के अलावा रहने खाने और सुरक्षा का भी पूरी व्यवस्था है.

    सनातन धर्म को आगे बढ़ाना है-रोजानंद गिरी

    झारखंड किन्नर समाज की महामंडलेश्वर घोषित होने से खुश रोजानंद गिरी सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी. इन्होंने कहा कि किसी समाज के भटके लोगों को सही राह पर लायेंगे और उन्हें सनातन धर्म से जोड़ने का काम करेंगे. रोजानंद गिरी बनी रोज सिंह ने कहा कि झारखंड को आगे बढ़ाने के लिए हर समाज को एक साथ लाएंगे और सनातन धर्म को बढायेंगे. कहा कि बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती सभी को स्वस्थ रखे.

    रिपोर्ट-ऋतुराज

     


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