इधर पीएम ‘विश्व गुरु’ और ‘अमृत काल’ का जाप करवाते रहें, उधर उनके दोस्त ने लूट डाला भारत की तिजोरी, बजट को लेकर सोनिया गांधी का बड़ा हमला

    इधर पीएम ‘विश्व गुरु’ और ‘अमृत काल’ का जाप करवाते रहें, उधर उनके दोस्त ने लूट डाला भारत की तिजोरी, बजट को लेकर सोनिया गांधी का बड़ा हमला

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट का आने के बाद पहली बार सामने आयीं पूर्व कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने बड़ा हमला बोला है, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ हमारे प्रधानमंत्री ‘विश्व गुरु’ और ‘अमृत काल’ का जाप करवाते रहें, उधर उनके एक व्यापारी मित्र ने देश की तिजोरी लूट ली. इसे अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला बतलाते हुए उन्होंने केन्द्रीय बजट को गरीबों पर "साइलेंट स्ट्राइक करार दिया.

    यूपीए सरकार के दौरान लायी गयी सभी सामाजिक योजनाओं की राशि में भारी कटौती

    सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने यूपीए सरकार के दौरान लायी गयी सभी सामाजिक योजनाओं की राशि में भारी कटौती की है. यह एक गरीब विरोधी बजट है, गरीबों पर "साइलेंट स्ट्राइक है. गरीब और मध्यम वर्ग की बात करने वाले हमारे प्रधानमंत्री ने अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने की विनाशकारी नीति अपनायी, जिसके कारण आज पूरा देश बर्बादी की कगार पर खड़ा है. विनाशकारी निजीकरण की नीतियों के द्वारा राष्ट्रीय संपत्ति को चुनिंदा निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, इसका सबसे ज्यादा मार दलित,पिछड़े और दूसरे कमजोर सामाजिक समूहों से आने वाले युवा वर्ग हो रहा है.

    अडाणी समूह के शेयरों में गिरावट एक वित्तीय घोटाला

    सोनिया गांधी ने कहा कि अडाणी समूह के शेयरों में गिरावट एक वित्तीय घोटाला है, एलआईसी और एसबीआई में गरीबों का पैसा लगा था, प्रधानमंत्री की नीतियों के कारण उनकी गाढ़ी कमायी डूब गयी.

    एक होकर सरकार की विनाशकारी नीतियों का विरोध करने का वक्त 

    मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए सोनिया गांधी ने सभी भारतीयों से एक साथ आने का आह्रवान किया. उन्होंने कहा कि आज जरुरत है कि हम सब आपस में एकजूट होकर इस सरकार की लूट की नीतियों का विरोध करें, भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक की पैदल यात्रा की, इस यात्रा से देश के मौजूदा हालात को समझने में मदद मिली, विभिन्न सामाजिक समूहों में व्याप्त बेचैनी को नजदीक से महसूस किया गया, आम लोगों की बातचीत से इस बात का फीड बैक मिला कि आज पूरा देश एक गहरे आर्थिक संकट की बढ़ रहा है. आज हर जगह भारत को लेकर चिंता है. युवाओं, किसानों और छोटे कारोबारियों में बेचैनी है.

    रिपोर्ट: देवेन्द्र कुमार 



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