कम उम्र में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, कहीं आप भी ना हो जाए शिकार, जाने चौंकाने वाली वजह

    कम उम्र में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा,  कहीं आप भी ना हो जाए शिकार, जाने चौंकाने वाली वजह

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): एक समय था जब हार्ट अटैक को उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं. आजकल के युवाओं में भी दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. जिम में वर्कआउट करते हुए, ऑफिस में काम के दौरान या अचानक चलते-फिरते लोगों के गिरने और मौत की खबरें अब आम होती जा रही हैं. यह स्थिति न केवल हैरान करने वाली है, बल्कि गंभीर चिंता का विषय भी बन चुकी है.

    अक्सर लोग यह सोचते है कि जो लोग फिट रहते हैं, उन्हें ऐसी बीमारियां नहीं होतीं. लेकिन हाल के सालों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पूरी तरह फिट दिखने वाले लोगों को भी हार्ट अटैक ने अपनी चपेट में लिया है। इससे साफ है कि सिर्फ बाहरी फिटनेस ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अंदरूनी स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है. मशहूर टीवी एक्ट्रेस सिद्धार्थ शुक्कला और एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे की हार्ट अटैक से ही मौत हो गई, जबकि वो लोग रोज जीम जाते है, रोजना वर्क आउट करते है फिर उनकी जान हार्ट अटैक से चली गई

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    कम उम्र में हार्ट अटैक बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बदलती जीवनशैली है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित दिनचर्या आम हो गई है. लोग देर रात तक जागते हैं, फास्ट फूड और जंक फूड का अधिक खाते हैं और सही मात्रा में नींद नहीं ले पाते. इसके साथ ही मानसिक तनाव और काम का दबाव भी दिल की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है.

    युवाओं में स्क्रीन टाइम का बढ़ना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी एक बड़ी समस्या बन गई है. घंटों मोबाइल, लैपटॉप या टीवी के सामने बैठने से शरीर की सक्रियता कम हो जाती है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. वहीं, धूम्रपान और शराब का सेवन भी दिल की बीमारियों के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है. आज कल के युवा तनाव से राहत पाने के लिए अपनाई जाने वाली ये आदतें धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देती हैं.

    इसके अलावा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापा जैसी समस्याएं भी अब कम उम्र में ही देखने को मिल रही हैं. ये सभी मिलकर हार्ट अटैक के खतरे को और बढ़ाते हैं. खास बात यह है कि आजकल “साइलेंट हार्ट अटैक” के मामले भी बढ़ रहे हैं, जिसमें व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर लक्षण महसूस नहीं होते. हल्का सीने में दर्द, थकान, सांस फूलना या बेचैनी जैसे संकेतों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो बाद में जानलेवा साबित हो सकते हैं. कोविड-19 महामारी के बाद भी दिल से जुड़ी समस्याओं में ज्यादा देखी गई है. कई मामलों में यह पाया गया है कि कोरोना संक्रमण के बाद कुछ लोगों में दिल संबंधी बीमारी बढ़ गई हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा और अधिक हो गया है.

    डॉक्टरों का कहना है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है. नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और पर्याप्त नींद दिल की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं. हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम तेल वाला भोजन फायदेमंद होता है. साथ ही, साल में कम से कम एक बार हेल्थ चेकअप कराना चाहिए, तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान और मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करना भी सही है. सबसे जरूरी है कि शरीर के किसी भी असामान्य संकेत को हल्के में न लें और समय रहते डॉक्टर से परामर्श लें.

    कम उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने यह साफ कर दिया है कि अब समय आ गया है जब हमें अपनी आदतों और जीवनशैली पर अच्छे से ध्यान देना होगा. छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम इस बड़े खतरे से खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं.



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