भारतीय क्रिकेट में फिटनेस का बढ़ता ट्रेंड: जानिए आज के समय में भी पहले के क्रिकेटर्स कैसे रहते हैं फिट?

    इंडियन क्रिकेट में पिछले कुछ सालों में एक बड़ा चेंज देखने को मिला हैं. पहले जहा क्रिकेट को सिर्फ स्किल्स और एक्सपीरियंस का खेल माना  जाता था, वहीं अब फिटनेस भी उतनी ही जरूरी हो गई है. आज के खिलाड़ी जिम, डाइट और ट्रेनिंग पर खास ध्यान देते हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पहले के क्रिकेटर्स भी अपने तरीके से फिट रहते थे

    भारतीय क्रिकेट में फिटनेस का बढ़ता ट्रेंड: जानिए आज के समय में भी पहले के क्रिकेटर्स कैसे रहते हैं फिट?

    TNP DESK- इंडियन क्रिकेट में पिछले कुछ सालों में एक बड़ा चेंज देखने को मिला है. पहले जहां क्रिकेट को सिर्फ स्किल्स और एक्सपीरियंस का खेल माना  जाता था, वहीं अब फिटनेस भी उतनी ही जरूरी हो गई है. आज के खिलाड़ी जिम, डाइट और ट्रेनिंग पर खास ध्यान देते हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पहले के क्रिकेटर्स भी अपने तरीके से फिट रहते थे.

    आज के क्रिकेटर्स के फिटनेस का नया स्तर

    अभी के क्रिकेट में फिटनेस का स्तर काफी ऊंचा हो चुका है.  स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो वर्कआउट और स्ट्रिक्ट डाइट प्लान आज हर खिलाड़ी की डेली रूटीन का हिस्सा बन गया हैं. ग्राउन्ड में फास्ट रनिंग करना,  फुर्ती से फील्डिंग करना और लॉंग टाइम के लिए खेलना, ये सब फिटनेस पर ही निर्भर है.

    आज के खिलाड़ी प्रोफेशनल ट्रेनर्स और न्यूट्रिशनिस्ट के साथ रहते हैं, जिससे उनकी परफॉर्मेंस लगातार बेहतर होती है. फिटनेस अब सिर्फ एक ऑप्शन नहीं रहा , बल्कि टीम में जगह बनाने के लिए जरूरी चैलेंज बन चुका हैं.

    कैसे रहते थे फिट पहले के क्रिकेटर्स?

    पुराने क्रिकेटर्स के पास आज जैसी मॉडर्न सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन भी वो खुद को फिट रखते थे. उनका फोकस नेचुरल फिटनेस पर ज्यादा होता था.

    ग्राउन्ड पर ज्यादा समय बिताना: नेट में प्रैक्टिस और मैच खेलना ही उनके लिए सबसे बड़ी ट्रेनिंग होती थी.

    आधुनिक लाइफस्टाइल: घर का खाना, शेड्यूल्ड रूटीन और पर्याप्त आराम उनकी फिटनेस का आधार था.

    कम एक्सरसाइज: स्ट्रेचिंग, दौड़ना और बेसिक वर्कआउट से वो लोग खुद को एक्टिव रखते थे.

    उनका फिटनेस लेवल भले ही आज जितना एडवांस न रहा हो, लेकिन स्टैमिना और खेल के लिए उन्हें मजबूत बनाता था.

    फिटनेस का बदलता इंपॉर्टेंस 

    आज के जमाने के क्रिकेट में फिटनेस का महत्व बहुत ही ज्यादा बढ़ गया हैं. T20 और IPL जैसे फॉर्मेट्स ने खिलाड़ियों से ज्यादा एनर्जी और तेजी की मांग बढ़ा दी है. अब ना ही सिर्फ बैटिंग या बॉलिंग स्किल जरूरी हैं, बल्कि एथलेटिक बॉडी होना भी जरूरी हो गया हैं.

    अब सवाल ये है कि क्या पुराना तरीका आज भी काम करता है?

    आज के समय में पुराने और नए दोनों फिटनेस तरीकों का बैलेंसड  होना जरूरी है, जहां मॉडर्न ट्रेनिंग परफॉर्मेंस को बढ़ाती है, वहीं दूसरी ओर सिंपल लाइफस्टाइल और अनुशासन भी उतना ही जरूरी है.

    भारतीय क्रिकेट में फिटनेस का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. आज के खिलाड़ी मॉडर्न तकनीक और ट्रेनिंग के जरिए खुद को फिट रखते हैं, जबकि पुराने क्रिकेटर्स अपने डिसिप्लिनड और रेगुलर लाइफस्टाइल से फिट रहते थे.

    दोनों ही तरीकों से एक बात साफ है, क्रिकेट में सफल होने के लिए फिटनेस अब सबसे जरूरी फैक्टर बन चुका है. आने वाले समय में यह ट्रेंड और भी मजबूत होगा, जहां खिलाड़ी पहले से ज्यादा फिट और फुर्तीले नजर आएंगे.


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