अब अश्लील कंटेंट पर चला सरकार डंडा, OTT पर बड़ी कार्रवाई, 5 ऐप्स बैन


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में इन दिनों केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाते हुए पांच ओटीटी ऐप्स को भारत में ब्लॉक कर दिया है. सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म मनोरंजन के नाम पर ऐसे वीडियो और कंटेंट प्रसारित कर रहे थे, जो आईटी नियमों और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं.
किन प्लेटफॉर्म्स पर गिरी गाज?
सरकार द्वारा जिन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें MoodX-VIP, Koyal, PlayPro, Digi Movieplex और Feel-Jugnu शामिल हैं. ये ऐप्स गूगल प्ले स्टोर, वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के जरिए बड़ी संख्या में यूजर्स तक पहुंच बना चुके थे. सरकार ने न सिर्फ इनके मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक किया है, बल्कि उनसे जुड़े वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी निष्क्रिय कर दिया है ताकि भारत में उनकी पहुंच पूरी तरह रोकी जा सके.
शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
सूत्रों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. जांच में पाया गया कि इन पर उपलब्ध सामग्री मुख्य रूप से ‘सॉफ्ट पोर्न’ श्रेणी की थी, जिसमें बिना किसी ठोस कहानी या सामाजिक उद्देश्य के केवल अश्लील दृश्य दिखाए जा रहे थे. सबसे गंभीर बात यह रही कि इन ऐप्स में आयु सत्यापन (Age Verification) या कंटेंट रेटिंग जैसी अनिवार्य व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं. सस्ते सब्सक्रिप्शन प्लान और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए इनकी पहुंच युवाओं और नाबालिगों तक भी हो रही थी.
सरकार का सख्त संदेश
केंद्र सरकार का कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को आईटी नियमों और एथिक्स कोड का पालन करना अनिवार्य है. किसी भी प्रकार का अश्लील, आपत्तिजनक या कानून के विरुद्ध कंटेंट स्वीकार्य नहीं होगा. इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया गया है कि इन ऐप्स और वेबसाइट्स की भारत में पूरी तरह पहुंच बंद की जाए.
क्या बड़े OTT प्लेटफॉर्म भी निशाने पर?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का मकसद रचनात्मक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं है. Netflix और Amazon Prime Video जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स तय दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं. वे कंटेंट से पहले आयु चेतावनी, कंटेंट डिस्क्लेमर और पेरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर्स उपलब्ध कराते हैं. इसलिए फिलहाल इन पर किसी तरह की कार्रवाई का सवाल नहीं है.
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
अब भारत में इन पांचों ऐप्स को खोलने की कोशिश करने पर वे काम नहीं करेंगे. जिन लोगों ने इनकी सदस्यता ले रखी थी, उन्हें भी एक्सेस में दिक्कत होगी. कुछ लोग इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सफाई के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि कंटेंट मॉनिटरिंग की एक स्पष्ट सीमा तय होनी चाहिए.
फिलहाल सरकार का रुख साफ है, ऑनलाइन मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आने वाले समय में नियमों के उल्लंघन पर और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.
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