अस्पताल में महिलाओं संग बदसलूकी, पहले मारा थप्पड़, फिर घसीटकर बाहर ले गई पुलिस, देखिए

    अस्पताल में महिलाओं संग बदसलूकी, पहले मारा थप्पड़, फिर घसीटकर बाहर ले गई पुलिस, देखिए

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):सरकार की ओर से पुलिसकर्मियों की नियुक्ति देश में रहने वाले आम जनता की इज्जत, जान और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए की जाती है, लेकिन कभी-कभी पुलिसकर्मियों की ऐसी हरकतें हमें खबरों के माध्यम से देखने और सुनने को मिलती है, जो हमें काफी ज्यादा परेशान करती है और उन्हें देखकर पुलिस प्रशासन से भरोसा भी उठने लगता है. लोग यह सोचने पर मजबूर हो जाते है कि जिस पुलिस अधिकारी को हमारी रक्षा के लिए नियुक्त किया गया है, वह हमारी रक्षा करने के बजाय हमारे खिलाफ क्यों खड़े हो जाते है. दरअसल, ये सारी बातें आज हम इस तरह कर रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमे एक युवक की मौत के बाद विरोध कर रही महिलाओं के साथ पुलिसकर्मियों ने काफी बदसलूकी की है.

    महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रही है पुलिस

    वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा रहा है कि एक युवक की मौत के बाद उसके परिवार वाले विरोध कर रहे है, जिसमें महिलाएं भी शामिल है.वहीं जब पुलिस उन्हें पकड़ती है, तो महिलाओं को पहले थप्पड़ मारा जाता है, फिर बाल पकड़कर घसीटते हुए पुलिस अस्पताल से बाहर निकालती है. ऐसा लग रहा है मानो महिलाएं ही गुनहगार हों और उन्हें विरोध करने का भी कोई अधिकार नहीं है.आपको बता दें कि ये वायरल वीडियो यूपी के कानपुर के कल्याणपुर स्थित अस्पताल का है. महिलाओं को तमाचे जड़ते और बाल पकड़कर घसीटते हुए पुलिसकर्मियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है.

    सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो

     बताया जा रहा है कि पुलिस पर हुए हमले के बाद महिलाओं को हिरासत में लिए जाने के समय के ये वीडियो है. हालांकि, हमारा चैनल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.वीडियो में महिला पुलिसकर्मी महिलाओं को तमाचा मारते हुए भी दिख रही है. इस मामले में कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस से दुर्व्यवहार के मामले में सौरिख निवासी आदर्श सिंह, मोनू और रसूलाबाद निवासी राजेश तिवारी, विधूना के श्रीपाल पर शांतिभंग की कार्रवाई हुई है.

    पढ़िए क्या है पूरा मामला 

    दरअसल, कन्नौज के युवक गौरव सिंह को बवासीर के इलाज के लिए कल्याणपुर के जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया था.इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई. वहीं मौत के बाद परिजनों ने शव उठाने से मना कर दिया. सुबह से शाम तक शव पड़े रहने के कारण जब शव से दुर्गंध आने लगी, तो अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पनकी रोड चौकी इंचार्ज विजय मोरल, दो महिला दरोगा और सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे थे.जबरन शव उठाने को लेकर महिलाओ का पुलिस से विवाद हो गया.हालांकि, पुलिस की ओर से भी वर्दी फाड़ने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.



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