पटना(PATNA): बदलते मौसम का असर बिहार के किसानों पर पड़ा है. आंधी तूफान और ओलावृष्टि से 13 जिलों के किसानों की फसल बर्बाद हो गई. जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है. अब इस नुकसान की भरपाई बिहार सरकार करेगी. कृषि इनपुट अनुदान योजना के साथ पाँच मई तक ऑनलाइन आवेदन की मांग की गई है. जिससे किसानों को मुआवजा मिल सके. बिहार के 13 जिलों के 88 प्रखण्ड के 1484 पंचायत में इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा.
1484 पंचायत का चयन
विभाग ने सभी ग्राउन्ड की हकीकत और किसानों के फसल का आकलन करने के बाद 13 जिलों के 88 प्रखंडों के 1484 पंचायतों का चयन किया है.कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सभी चयनित इलाके के किसानों को लाभ दिया जाएगा.इसके लिए विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की मांग की है.
इतने पैसे का भुगतान करेगी सरकार
कृषि इनपुट योजना के तहत उन्हे लाभ दिया जाएगा. सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी. आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओला गिरने के कारण हुई क्षति के लिए असिंचित (वर्षा पर आश्रित) फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जाएगा.
अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए अनुदान दिया जाएगा
यह अनुदान अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि के लिए दिया जाएगा. किसान को इस योजना के अन्तर्गत असिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम 2,000 रुपये एवं शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए न्यूनतम 2,500 रुपये अनुदान दिया जाएगा. कृषि इनपुट अनुदान का लाभ सभी पंजीकृत रैयत एवं गैर-रैयत दोनों प्रकार के किसानों को मिलेगा. यह योजना सिर्फ किसान या किसान परिवार के लिए मान्य है. आवेदन के समय किसान को अपने परिवार का विवरण आधार सत्यापन के साथ देना अनिवार्य होगा. परिवार का विवरण देने में अनियमितता पाए जाने पर आवेदन को रद्द कर दिया जाएगा.
इन जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ 13 जिलों के 88 प्रखंडों से संबंधित 1484 पंचायतों के प्रभावित किसानों को मिलेगा. ये जिले सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल एवं भागलपुर हैं. अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर या संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं.


