अगर किसी को डायन बताकर किया परेशान तो पड़ सकते हैं लेने के देने, जानिए 'विच हन्टिंग' के लिए क्या कहता है कानून

    अगर किसी को डायन बताकर किया परेशान तो पड़ सकते हैं लेने के देने, जानिए 'विच हन्टिंग' के लिए क्या कहता है कानून

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जादू टोना, झाड़-फूँक और ना जाने किन किन कुरीतियों के हत्थे चढ़ती आई हैं हमारे समाज की महिलायें. स्थिति ये है 21वीं साड़ी में भी हम इन चीजों पर विश्वास भी करते हैं और खुद को या अपने लोगों को डायन के जादू टोन से बचाने के लिए ‘उपचार’ भी कराते हैं. 

    कुछ पिछड़े इलाकों में स्थिति इतनी भयावह है कि अगर घर परिवार में किसी की तबीयत भी खराब हो जाए तो उसका कारण भी डायन का ‘किया-धरा’ ही माना जाता है. साथ ही इन बीमारियों का उपचार तो होता है पर किसी अस्पताल में नहीं बल्कि किसी ओझा या गुणी के पास. अगर आसान भाषा में समझे तो अगर घर में किसी की तबीयत बिगड़ती है, किसी के घर चोरी होती है, किसी फसल खराब होती है, मवेशियों की तबीयत बिगड़ती है, यहाँ तक की यदि किसी का निधन भी होता है तो इन सभी चीजों को जादू टोने और टोटके से जोड़कर देखा जाता है. 

    वहीं अगर किसी व्यक्ति खासकर महिला को डायन करार दिया गया फिरतों इन स्थितियों से भगवान ही बचाए. यदि किसी व्यक्ति को डायन बताया जाता है तो उसकी सजा बद-से-बदत्तर होती है. सर मुँड़वाना, चेहरे पर कालिख लगाना, जूते चप्पलों की माला पहनाना, और कभी कभी तो अधनग्न या नग्न करके पूरे गाँव में घुमाया जाता है. परयह क्रूरता यहीं नहीं रुकती, कभी कभी महिलाओं को इस कदर तक पीटा जाता है की उनकी जान पर भी बन आती है. 

    पर क्या आप जानते हैं की डायन बिसाही कानून अपराध है. इसके लिए आपको हजारों रुपये का जुर्माना और जाईल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ सकता है. बताते कहले कि राज्य में लागू डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001, बिहार में 1999 में बने कानून का ही रूप है जो झरकहंद में लागू है जो डायन बताकर महिलाओं को प्रताड़ित करने, जादू-टोना और अंधविश्वास फैलाने को गैरकानूनी बनाता है, जिसमें पहचान करने और प्रताड़ित करने पर कारावास व जुर्माने का प्रावधान है, खासकर झारखंड राज्य में इसे लागू किया गया, और यह सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है

    क्या कहता है कानून 
    यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति, खासकर किसी महिला को ‘डायन’ बताता है और इस पहचान के आधार पर कोई काम करता है, कुछ कहता है या कोई दुर्व्यवहार करता है, तो उसे अधिकतम तीन महीने की जेल या एक हजार रुपये का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है. यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को ‘डायन’ कहकर जानबूझकर शारीरिक या मानसिक रूप से परेशान करता है या प्रताड़ित करता है, तो उसे छह महीने तक की जेल या दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है. 

    अगर कोई व्यक्ति किसी महिला को ‘डायन’ बताने के लिए दूसरों को उकसाता है, साजिश करता है या समाज के लोगों की मदद लेता है, जिससे उस महिला को नुकसान पहुंचे, तो ऐसे व्यक्ति को तीन महीने तक की जेल या एक हजार रुपये का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है.

    जो व्यक्ति किसी महिला को ‘डायन’ बताकर झाड़-फूंक, टोटका या किसी भी तरह के इलाज के नाम पर उसे शारीरिक या मानसिक यातना देता है, उसे एक साल तक की जेल या दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जाएगी. इस कानून के तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे, यानी पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है और आसानी से जमानत नहीं मिलेगी.


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