दुमका: नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा का धरना, हेमंत सरकार पर बोला हमला


TNP DESK- पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुरूप भाजपा जिला इकाई ने दुमका के पुराना समाहरणालय परिसर में धरना दिया. दलीय आधारित नगर निकाय चुनाव EVM से जल्द कराने की मांग जिलाध्यक्ष गौरव कांत के नेतृत्व में धरना दिया गया. धरना में पूर्व सांसद सुनील सोरेन एवं कार्यक्रम प्रभारी निवास मंडल प्रमुख रूप से शामिल हुए, जबकि मंच संचालन नगर अध्यक्ष मृणाल मिश्रा ने किया.
नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा सड़कों पर, वर्षों की देरी पर सवाल
भाजपा का यह धरना दो वर्षों से लंबित नगर निकाय चुनाव को अविलंब कराने, चुनाव दलीय आधार पर कराने तथा ईवीएम के माध्यम से मतदान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया. भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश करार दिया.
लोकतंत्र की खुली हत्या कर रही है सरकार : सुनील सोरेन
धरना को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि नगर निकाय चुनाव नहीं कराकर हेमंत सोरेन सरकार लोकतंत्र की खुली हत्या कर रही है।.उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों के अभाव में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतें पूरी तरह प्रशासकों के भरोसे चल रही हैं, जिससे आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रही है और भ्रष्टाचार बेलगाम हो गया है.
चुनाव से डर रही है सरकार : निवास मंडल
कार्यक्रम प्रभारी निवास मंडल ने कहा कि वर्ष 2018 में रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर पारदर्शी तरीके से कराए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार संभावित हार के डर से चुनाव से भाग रही है.
पत्रकार पर हमले को बताया लोकतंत्र पर हमला
निवास मंडल ने दुमका के वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय पांडेय पर हंसडीहा थाना प्रभारी द्वारा मारपीट की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे न सिर्फ शर्मनाक बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया. निवास मंडल ने पुलिस कप्तान से मांग की कि ऐसे अधिकारी को केवल निलंबित करना पर्याप्त नहीं है. उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई कर आरोपी अधिकारी को तत्काल जेल भेजने की मांग की.
नियम बदलकर चुनाव टालने की साजिश : गौरव कांत
भाजपा जिलाध्यक्ष गौरवकांत ने आरोप लगाया कि ट्रिपल टेस्ट के नाम पर दो वर्षों तक चुनाव टालने के बाद अब नियमावली में छेड़छाड़ कर चुनाव को अदलीय आधार पर और बैलेट पेपर से कराने की साजिश रची जा रही है, ताकि भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग किया जा सके. उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण राज्य को केंद्र सरकार से मिलने वाले करोड़ों रुपये के विकास अनुदान से भी वंचित होना पड़ रहा है, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को हो रहा है.
ईवीएम से क्यों परहेज? : मृणाल मिश्रा
नगर अध्यक्ष मृणाल मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव ईवीएम से कराए जा रहे हैं, तो नगर निकाय चुनाव में ईवीएम से परहेज क्यों किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ईवीएम से मतदान पारदर्शिता, त्वरित परिणाम और निष्पक्ष चुनाव की गारंटी है.
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, चार सूत्री मांग
धरना प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद प्रशासक के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में नगर निकाय चुनाव अविलंब कराने, चुनाव दलीय आधार पर कराने, ईवीएम से मतदान सुनिश्चित करने और शीघ्र चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की स्पष्ट मांग की.
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