हाल-ए-देवघर एम्स: अबतक नहीं शुरू हुई इमरजेंसी सेवा, इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं मरीज, आखिर जिम्मेदार कौन !

    हाल-ए-देवघर एम्स: अबतक नहीं शुरू हुई इमरजेंसी सेवा, इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं मरीज, आखिर जिम्मेदार कौन !

    देवघर (DEOGHAR) : झारखंड का एकमात्र एम्स देवघर के देवीपुर में चलाया जा रहा है. यहां झारखंड ही नहीं बल्कि बिहार और बंगाल के सीमावर्ती जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं. हालांकि, इस एम्स में ओपीडी के अलावा छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन भी हो रहा है. लेकिन गंभीर बीमारियों के लिए मरीजों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है. जो मरीज सक्षम हैं वे तो बाहर इलाज करा लेते हैं लेकिन जो सक्षम नहीं हैं उन्हें सिर्फ एम्स पर ही भरोसा है. ऐसे मरीज प्रतिदिन इस उम्मीद में एम्स आते हैं कि उनकी बीमारी का इलाज यहां हो जाएगा.

    इन मरीजों का रजिस्ट्रेशन और जांच भी होती है. फिर डॉक्टर उन्हें अगले दिन आने को कहते हैं लेकिन बीमारी का सही से इलाज नहीं करते हैं. दूर-दराज से आने वाले गरीब तबके के मरीज रात में एम्स गेट के सामने अपना बसेरा डाल लेते हैं. इनमें कई ऐसे मरीज होते हैं जिनकी मौत हो जाती है. ऐसे ही एक मरीज का शव एम्स गेट के सामने मोटरसाइकिल स्टैंड के पास बनी झोपड़ी में मिला. मृतक बिहार के झाझा जिले का रहने वाला 47 वर्षीय संतोष कुमार वर्णवाल है. वह किडनी की समस्या से ग्रसित था. वह तीन दिन पूर्व अपने घर से बिना किसी को बताए अकेले देवघर एम्स पहुंच गया था. उसने अपना रजिस्ट्रेशन कराया और ओपीडी में इलाज भी कराया. लेकिन एम्स में किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है. इसके अलावा जटिल जांच प्रक्रिया और इमरजेंसी सेवा चालू नहीं होने के कारण संतोष वर्णवाल की मौत हुई होगी. मृतक दिनभर एम्स के आसपास घूमता रहता था और रात में इसी जगह सोता था.

    बता दें कि रात आठ बजे के बाद एम्स गेट के सामने की लगभग सभी दुकानें बंद हो जाती हैं. यही कारण है कि मृतक झाझा अपने घर जाने के बजाय रात में यहीं आराम करता था. पुलिस ने जब उसके शव को अपने कब्जे में लिया तो उसका पेट फूला हुआ मिला. आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई और परिजनों को सूचना दी गई. परिजन कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे और पुलिस को सारी बात बताई और पोस्टमार्टम नहीं कराने का आग्रह किया.

    पुलिस ने परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर शव को परिजनों को सौंप दिया. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से एम्स में इमरजेंसी सेवा जल्द शुरू करने और एम्स के पास शेड और शौचालय बनाने की मांग की है. अब देखना यह है कि एम्स प्रबंधन और जिला प्रशासन क्या पहल करता है.

    रिपोर्ट-ऋतुराज


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