स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रमंडल देश चिंतित, आपसी व्यापार पर भी हुई चर्चा


टीएनपी ( TNP) -पूर्वी अफ्रीकी देश रवांडा में आयोजित राष्ट्रमंडल देशों के शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधियों ने व्यापार से लेकर जलवायु और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर चर्चा की. ये देश जलवायु परिवर्तन को लेकर सर्वाधिक चिंतित नजर आए. मालूम हो कि 250 करोड़ से अधिक आबादी वाले 54 देशों के समूह राष्ट्रमंडल में अधिकांश देश वे हैं, जिन पर कभी न कभी ब्रिटेन का राज या शासन रहा है. शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे ने कहा कि इस बैठक में ब्रिटिश साम्राज्य से संबंध न रखने वाले नए सदस्यों के बारे में सोचना हमारी पसंद को व्यक्त करता है. उल्लेखनीय है कि टोगो और गैबॉन के राष्ट्रमंडल में अपेक्षित प्रवेश के साथ देशों की संख्या बढ़ जाएगी. दोनों देशों ने ब्रिटेन के साथ कोई औपनिवेशिक इतिहास नहीं होने के बावजूद समूह में शामिल होने की इच्छा जताई है.
29 राष्ट्राध्यक्ष शामिल
शिखर सम्मेलन में उद्घाटन समारोह में 29 राष्ट्राध्यक्षों-शासनाध्यक्षों ने भाग लिया है.भारत समेत न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य सदस्य देशों ने मंत्रियों या राजनयिकों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजा.ब्रिटिश राजकुमार चार्ल्स अपनी 96 वर्षीय माताजी महारानी एलिजाबेथ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. जो राष्ट्रमंडल की प्रमुख हैं.बैठक में जलवायु परिवर्तन एवं उससे उत्पन्न समस्याओं को आपस में मिलकर निपटने का संकल्प लिया गया.
इस शिखर सम्मेलन में उष्णकटिबंधीय बीमारी पर चर्चा के दौरान मलेरिया को एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर एक दूसरे की स्वास्थ्य चिंताओं को साझा किया गया.आपसी व्यापार पर भी व्यापक सहयोग का संकल्प व्यक्त किया गया.
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