टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : देश में कई मंदिर हैं और उन मंदिरों में अलग-अलग देवी देवता है. आपने कई देवताओं के नाम सुने होंगे, शंकर, पार्वती, गणेश लक्ष्मी से लेकर कई भगवान है जिनकी हिंदू धर्म में पूजा की जाता है. मगर क्या आपने कभी मंदिर में बुलेट की पूजा होते देखा या सुना है. राजस्थान में एक ऐसा मंदिर है जहां बुलेट बाइक की पूजा की जाती है.
बुलेट की पूजा करने के पीछे रहस्मय कहानी
राजस्थान के पाली जिले में स्थित एक मंदिर है जहां किसी भगवान की नहीं बल्कि बुलेट की पूजा होती है. इस मंदिर में ‘रॉयल एनफील्ड बुलेट 350’ रखा गया है जिसे लोग भगवान की तरह पूजते हैं. इस मंदिर का नाम ‘ओम बन्ना धाम’ है. यह करीब 3 दशक पुराना मंदिर है. इस मंदिर में बुलेट की पूजा करने के पीछे एक रहस्मय कहानी है जिस वजह से यहां के लोग इस बुलेट की पूजा करते हैं .
जानिए क्या है वजह
इस मंदिर का बुलेट के साथ जुड़ी एक कहानी होने की वजह से इसका नाम बुलेट बाबा मंदिर रखा गया है. दरअसल ये कहानी कई साल पुरानी है. इस गांव में एक एक्सीडेंट हुआ था. इस घटना में ओम सिंह राठौर की मृत्यु हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने उसके शव को कब्जे में ले लिया. लेकिन अगले दिन कुछ ऐसा हुआ जिसे देख हर कोई हैरान हो गया. ओम सिंह राठौर की बाइक थाने से गायब हो गई और उसी स्थान पर मिली जहां दुर्घटना हुआ था. पुलिस फिर बाइक को कब्जे में लेकर थाने ले आई और दूसरी सुबह फिर से बाइक गायब हो गई और वही घटना वाले स्थान पर जा मिली . सभी लोग इस सोच में थे कि आखिर हर रात यह करता कौन है. बुलेट को चेन से बांधने के बाद भी यह काफी समय तक चलता रहा.
गायब हो जाती थी बाइक
इस रहस्य को जानने के लिए पुलिस ने बाइक पर निगरानी रखा और जो कुछ आंखों के सामने हुआ वह काफी हैरान कर देने वाला दृश्य था. रात में जब पुलिस निगरानी कर रही थी तब पुलिस ने देखा कि बाइक अपने आप स्टार्ट होकर आगे बढ़ी और हादसे वाली जगह पर जाकर रुक गई. इसे देख पुलिस वाले दंग रह गए. इस घटना से हैरान पुलिस वालों ने परिजनों को अचंभित कर देने वाली बात बताई और उनकी बाइक उन्हें लौटा दी. इस पर मृत ओम सिंह राठौर के नाम पर स्थानीय लोगों में मंदिर का निर्माण करवाया जहां बुलेट को स्थापित किया. तब से लेकर अब तक इस मंदिर में बुलेट की पूजा होती है और इसे बुलेट बाबा मंदिर के नाम से जाना जाता है.
प्रसाद में शराब
इस मंदिर की एक और खासियत है. आमतौर पर किसी भी मंदिर में प्रसाद चढ़ाया जाता है जिस प्रसाद में कुछ मीठा लड्डू या खीर जैसी चीजें होती है मगर यहां पर लड्डू नहीं बल्कि शराब चढ़ाया जाता है. इतना ही नहीं मंदिर में आने वाले भक्तों को प्रसाद के रूप में शराब ही बांटा जाता है.


