Boards में अब चंद दिन शेष! exam से पहले जान लीजिए expert की ये खास राय


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर में 10वीं और 12वीं बोर्डस की परीक्षा शुरू होने वाली है. ऐसे में जरूरी है की बच्चों को इस समय सही मार्गदर्शन मिले जिससे वह परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. अब परीक्षाओं में चंद दिन बचे होने के कारण कई बच्चों के मं में कई तरह के सवाल और दुविधाएँ भी उमड़ रही होंगी. पर exam के चंद दिन पहले का यह समय बच्चों के लिए काफी अहम है. अब अगर आप भी इस उधेड़ भून में है की इस समय में परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें और मन को कैसे शांत रखे तो यह खबर आपके बड़े काम की है.
एक्स्पर्ट्स का मानना है की....
चैप्टर वाइज़ ऐसे करें रीविशन : एक्सपर्ट्स का मानना है कि परीक्षा से पहले पूरे सिलेबस को दोबारा पढ़ने के बजाय स्मार्ट रिवीजन करना ज्यादा फायदेमंद होता है. छात्रों को चाहिए कि वे दिन के हिसाब से चैप्टर को बांट लें और रोजाना तय लक्ष्य पूरा करें. पहले उन टॉपिक्स को रिवाइज करें, जो ज्यादा महत्वपूर्ण हैं या जहां से सवाल आने की संभावना अधिक रहती है. छोटे-छोटे नोट्स, फॉर्मूला शीट और डायग्राम के जरिए रिवीजन करना आसान होता है. इससे समय की बचत होती है और कॉन्सेप्ट भी जल्दी याद रहते हैं.
स्ट्रेस को ऐसे करें दूर : परीक्षा के समय तनाव सबसे बड़ी समस्या बन जाता है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ज्यादा तनाव पढ़ाई में रुकावट पैदा करता है. ऐसे में बच्चों को रोजाना कुछ समय खुद के लिए जरूर निकालना चाहिए. गहरी सांस लेना, हल्की एक्सरसाइज करना या 10–15 मिनट टहलना तनाव कम करने में मदद करता है. मोबाइल और सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाना भी जरूरी है. अगर मन ज्यादा घबराया हुआ लगे तो माता-पिता या शिक्षक से खुलकर बात करें. इससे मन हल्का होगा और फोकस दोबारा पढ़ाई पर आ सकेगा.
Healthy खाने की तरफ दें ध्यान : एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही खानपान का सीधा असर दिमाग और याददाश्त पर पड़ता है. परीक्षा के समय जंक फूड और ज्यादा तला-भुना खाने से बचना चाहिए. हरी सब्जियां, फल, दूध, दही और ड्राई फ्रूट्स को डाइट में शामिल करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, ताकि शरीर और दिमाग दोनों एक्टिव रहें. समय पर खाना और भरपूर नींद लेना भी उतना ही जरूरी है. स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ दिमाग को जन्म देता है, जो परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है.
अपने आप को न करें Compare : अक्सर बच्चे खुद की तुलना दोस्तों या टॉपर्स से करने लगते हैं, जिससे आत्मविश्वास कम हो जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर बच्चा अलग होता है और उसकी सीखने की क्षमता भी अलग होती है. दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी तैयारी और मेहनत पर ध्यान दें. यह सोचें कि आपने पहले से कितना बेहतर किया है. खुद पर भरोसा रखें और अपनी कमजोरियों को सुधारने की कोशिश करें. याद रखें, तुलना करने से सिर्फ तनाव बढ़ता है, सफलता नहीं मिलती.
हमेशा रहें पॉजिटिव : परीक्षा से पहले सकारात्मक सोच सबसे बड़ा हथियार होती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पॉजिटिव माइंडसेट से आधी लड़ाई पहले ही जीत ली जाती है. खुद से बार-बार कहें कि आपने मेहनत की है और आप अच्छा कर सकते हैं. डर और नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी न होने दें. छोटे-छोटे ब्रेक लें, खुद को मोटिवेट करें और आत्मविश्वास बनाए रखें. शांत मन और सकारात्मक सोच के साथ दी गई परीक्षा का परिणाम भी अक्सर बेहतर ही आता है.
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