संविधान सभा के आयोजन पर बीजेपी का तंज, ‘सौ चूहे खाने के बाद बिल्ली हज को चली’ कहावत को चरितार्थ कर रही कांग्रेस

    संविधान सभा के आयोजन पर बीजेपी का तंज, ‘सौ चूहे खाने के बाद बिल्ली हज को चली’ कहावत को चरितार्थ कर रही कांग्रेस

    रांची(RANCHI): झारखंड में कांग्रेस संविधान बचाओ सभा के जरिए केंद्र सरकार का विरोध करने जा रही है. इस कार्यक्रम में खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हिस्सा ले रहे हैं. अब बीजेपी ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि संविधान की हत्या करने वाले खुद को बचाने की बात कर रहे हैं. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस संविधान बचाने के लिए रैली करने जा रही है. यह कहावत इस पर बिल्कुल फिट बैठती है. सौ चूहा खाने के बाद बिल्ली हज को चली गई. जो लोग आजादी के बाद से देश में संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, वे अब संविधान बचाने की बात कर रहे हैं.

    कांग्रेस पार्टी भारत के संविधान को नहीं मानती है. ये लोग संविधान को जेब में रखते हैं. देश आजाद होने के बाद नेहरू ने सबसे पहले 1951 में इसमें संशोधन किया, जिसके बाद उन्होंने अपने फायदे के लिए कई बार संविधान में बदलाव किया. कई उदाहरण हैं, जब संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं. 1971 में आपातकाल लगाया गया और सभी की आजादी पर रोक लगा दी गई. अब वही पार्टी और उसके नेता घूम-घूम कर सबको संविधान की बात कर रहे हैं. उस समय संविधान के तहत दिए गए सभी अधिकार वापस ले लिए गए थे. अखबारों से लेकर आवाज उठाने वालों तक सभी को जेल भेज दिया गया.

    इस दौरान जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संविधान सभा कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, तो उन्हें खुले मंच पर माफी मांगने की जरूरत है. उन्हें बताना चाहिए कि किस तरह संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं. जिस तरह से कांग्रेस पार्टी ने इसके साथ खिलवाड़ किया है, उसके लिए सभी शब्द कम पड़ जाते हैं. झारखंड में चल रही गठबंधन सरकार के मंत्री यह कहते नजर आए हैं कि संविधान से बड़ा सरिया कानून है. कांग्रेस को इस बयान पर भी स्पष्टीकरण देने की जरूरत है. कांग्रेस उनके बयान का समर्थन करती है या नहीं, यह स्पष्ट करने की जरूरत है.

     


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