बिहार का नया मंत्रिमंडल: किस जाति के कितने मंत्री बने,जदयू ने क्यों खाली  राखी एक कुर्सी  !!

    बिहार का नया मंत्रिमंडल: किस जाति के कितने मंत्री बने,जदयू ने क्यों खाली  राखी एक कुर्सी  !!

    धनबाद(DHANBAD): 20-22 दिन पहले डिप्टी सीएम की कुर्सी से इनकार करने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार मंत्री पद पाना स्वीकार कर लिया है.  उन्होंने शपथ भी ले ली है. कौन विभाग मिलता है ,इसका इंतजार है.  कहा जा रहा है कि जदयू के कई नेताओं ने उन्हें मनाने, समझाने  का काम किया।  उसके बाद वह मंत्री पद लेने के लिए  राजी हुए.  पहले निशांत कुमार को ही डिप्टी सीएम बनाने की बात चल रही थी, जब वह डिप्टी सीएम नहीं बने तो जदयू  कोटे  के दो लोगों को डिप्टी सीएम बनाया गया था. 

    बिहार में गुरुवार को 32 नए मंत्रियों ने शपथ ली

    बता दे कि बिहार में गुरुवार को 32 नए मंत्रियों ने शपथ ली.  इसके साथ ही सम्राट चौधरी की सरकार में दोनों डिप्टी सीएम मिलाकर  मंत्रियों की कुल संख्या 35 हो गई है. एक मंत्री की जगह अभी खाली है.  बिहार में 36 मंत्री बन सकते है.  भाजपा  कोटे के 16 मंत्री शपथ ले लिए हैं.  जदयू ने 15 मंत्री बना कर एक पद आगे के लिए खाली रखा है.  आज 32 नए मंत्रियों ने  जो शपथ ली, उसमें 19 नीतीश कुमार की पिछली सरकार में भी मंत्री थे.  13 में ज्यादातर पहली बार मंत्री बने हैं.  जबकि कुछ एक अंतराल के बाद सरकार में लौटे हैं.  जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी की कैबिनेट में नीतीश कुमार की पिछली सरकार के ज्यादातर मंत्री फिर से जगह पा  गए है.  भाजपा के कई नए चेहरों को जगह  दी है.  भाजपा ने मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद, नंदकिशोर राम और इंजीनियर शैलेंद्र को पहली बार मंत्री बनाया है.  

    जदयू से तीन बने पहली बार मंत्री 

    जदयू कोटे से नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के अलावा बुलो मंडल और श्वेता गुप्ता पहली बार मंत्री बने हैं.  जदयू ने पहले कभी मंत्री रहे भगवान सिंह कुशवाहा और दामोदर रावत को फिर मौका दिया है.  लोजपा, हम और रालोमो ने अपने पुराने मंत्रियों संजय पासवान, संजय सिंह, संतोष कुमार सुमन और दीपक कुमार कुशवाहा को दोबारा सरकार में मंत्री बनवाया है.  सम्राट कैबिनेट में ओबीसी, ईबीसी, सवर्ण, दलित और महादलित का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है.  राजपूत जाति से सबसे अधिक चार  मंत्री बने हैं.  नीतीश कुमार की पिछली सरकार में भी चार  राजपूत मंत्री थे.  राजपूत के बाद कोइरी और भूमिहार के तीन-तीन मंत्री बने हैं.  सम्राट चौधरी समेत  इस  जाति से तीन कुशवाहा  नेता मंत्री बने हैं.  विजय चौधरी समेत तीन भूमिहार मंत्री बने हैं.  यादव, ब्राह्मण, सु डी, कुर्मी, धानुक, निषाद, दुसाध, मुसहर और रविदास से दो-दो मंत्री बने हैं.  एक-एक मंत्री वाली जातियों में कानू, कलवार कहार,पासी,तेली और गंगोता बिरादरी है.  एक मुसलमान मंत्री भी बनाए गए है.



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