TNP DESK-| बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए दिलचस्प खेल हो सकता है. इसके लिए गोटियां चली जा रही है. एनडीए के लिए पांचवें उम्मीदवार को जिताना चुनौती है, तो तेजस्वी यादव भी अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए तिकड़म भिड़ा रहे हैं. इस बीच पता चला है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार की शाम पटना में एनडीए के विधायकों की बैठक बुलाई है. जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी ने अपने आवास पर एनडीए के सभी सहयोगी दलों के 202 विधायकों को बैठक और रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया है.
एनडीए की ओर से पांच उम्मीदवार घोषित किए गए हैं
एनडीए की ओर से पांच उम्मीदवार घोषित किए गए हैं, जिनमें नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम शामिल हैं. आज की बैठक में एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों को जिताने की रणनीति बन सकती है. केंद्रीय पर्यवेक्षक बुधवार को ही पटना पहुंच गए हैं. इसके पहले नेताओं की एक बैठक भी हो गई है. सूत्र बताते हैं कि आज की बैठक में पांच उम्मीदवारों को वोट डालने के लिए अलग-अलग विधायकों के समूह का चयन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. बिहार में एक कैंडिडेट को जीतने के लिए कम से कम 41 वोट की जरूरत होगी।
बनाया जा सकता है 41 -41 विधायकों का चार ग्रुप ---
बैठक में 41 -41 विधायकों के चार ग्रुप बनाने के साथ-साथ बचे हुए 38 विधायकों को पांचवें उम्मीदवार का नाम बताया जा सकता है. जिसके लिए एनडीए विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग से तीन और वोट जुगाड़ करने की कोशिश में है. एनडीए के सभी सहयोगी दलों पर बड़ी जिम्मेवारी है, इनमें चिराग पासवान की पार्टी, जीत राम मांझी की पार्टी भी शामिल हैं. विधानसभा में भाजपा के 8 9,जदयू के 85, लोजपा के 19, हम के पांच और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के चार विधायक हैं. एनडीए के विधायक चार सीट पर तो जीत पक्की कर लेंगे, पांचवी सीट के लिए एनडीए के पास 38 वोट हैं. 3 वोट के लिए उनकी नजर बसपा सहित कांग्रेस विधायकों पर हो सकती है.
क्या चलेगा तेजश्वी यादव का जादू या एनडीए की होगी जीत ?
तेजश्वी यादव ने भी अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है. उनका कार्यकाल भी 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है. तेजश्वी यादव को उम्मीद होगी कि सदन में मौजूद 41 गैर एनडीए विधायक हैं, जिसमें राजद , कांग्रेस, लेफ्ट ,आईआईपी के 35 विधायक के अलावा ओवैसी के पांच विधायक और मायावती के एक विधायक शामिल हैं. यह अलग बात है कि पांचवें उम्मीदवार को जीतने के लिए एनडीए तना-बना बन रहा है. इस बात की भी चर्चा है कि आखिर पांचवा उम्मीदवार कौन होगा, शिवेश राम होंगे अथवा उपेंद्र कुशवाहा, इस पर अटकलें चल रही हैं. चार उम्मीदवार तो बगैर किसी परेशानी के जीत जाएंगे ,लेकिन पांचवें में थोड़ी परेशानी हो सकती है. अगर राजद खेल कर गया तो फिर पांचवा उम्मीदवार नहीं जीत पाएगा। ऐसे में यह सवाल उठाना बहुत स्वाभाविक है कि एनडीए का पांचवा उम्मीदवार शिवेश राम होंगे अथवा उपेंद्र कुशवाहा।
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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