टीएनपी डेस्क: बिहार में आवास की राजनीति से सियासत गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने घर खाली करने का नोटिस मिलने के बाद शनिवार को कहा था कि वह बांग्ला नहीं खाली करेंगी , उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोर्स बुलाकर आवास खाली कराने की चुनौती दी थी. इसके कुछ ही घंटे बाद पटना पुलिस राबड़ी देवी के आवास पर पहुंच गई है. इसके बाद तो आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. सियासत गरमा गई है. बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को राज्य सरकार ने 39 हार्डिंग रोड स्थित नया आवास आवंटित किया है. राबड़ी देवी को कई बार 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया था.
दो दशक से रह रहा है लालू प्रसाद का परिवार
इस बंगले में लालू प्रसाद यादव का परिवार दो दशक से रह रहा है. जानकारी के अनुसार पटना पुलिस आवास पर पहुंची है और सचिवालय थाना की पुलिस राबड़ी देवी से बातचीत की है. निष्कर्ष क्या निकला है, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है. दरअसल, मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार दोपहर को ही मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह बंगला खाली नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि नया मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी फोर्स बुला लें , हम खाली नहीं करेंगे। इसके कुछ ही घंटे बाद पुलिस पहुंच गई. यह सब उस समय हो रहा है जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पटना में नहीं हैं. वह स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर गए हैं.
यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है
यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है. भवन निर्माण विभाग ने इस संबंध में राबड़ी देवी को नोटिस भेज कर बंगला खाली करने के लिए कहा है. इसके पहले भी उन्हें नोटिस दिया गया था. इस कार्रवाई पर राजद की तीखी प्रतिक्रिया आई है. कहा गया है कि राबड़ी देवी 20 सालों से उस आवास में रहती आ रही हैं. पूर्व मुख्यमंत्री के साथ आज भी वह बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल हैं. फिर ऐसी कौन सी स्थिति आ गई है कि उन्हें दूसरा आवास आवंटित किया गया है. दूसरी ओर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली नहीं करने के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि बिहार में अब कानून का राज है. कोई भी व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा क्यों ना हो, वह नियम और कानून से ऊपर नहीं हो सकता है.

