बिहार: विधायक चेतन आनंद को मिला उप मंत्री का दर्जा, क्या अब थम जाएगा जदयू में उठा विवाद

    बिहार: विधायक चेतन आनंद को मिला उप मंत्री का दर्जा, क्या अब थम जाएगा जदयू में उठा विवाद

    TNP DESK- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जदयू नेताओं पर मेहरबान दिख रहे हैं.  बिहार के पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के तीखे  बयानों के बाद उनके बेटे चेतन आनंद को एडजस्ट किया गया है.  कहा जा रहा है कि आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे है.  वह जदयू नेताओं के खिलाफ तीखा बयान भी दे रहे थे.  जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी सरकार ने राज स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन  समिति का पुनर्गठन कर कुछ एडजस्टमेंट किया है.  कहा तो यह भी जा रहा है कि नाराज लोगों को एडजस्ट करने के लिए यह सब किया गया है.  इसके उपाध्यक्ष भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जदयू के प्रदेश अध्यक्ष को बनाया गया है.  इस प्रकार दोनों को अब राज्य मंत्री का दर्जा मिल जाइए।  

    कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति का सदस्य बने चेतन आनंद 

    पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे विधायक चेतन आनंद को कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति का सदस्य बनाया गया है.  उन्हें उप मंत्री का दर्जा अब मिल जाएगा।  इतना ही नहीं, मोकामा के बाहुबली जदयू विधायक अनंत  सिंह की पत्नी नीलम देवी को भी इस समिति का सदस्य बनाया गया है.  ललन कुमार मंडल, प्रहलाद यादव, जगरनाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह को भी सदस्य बनाया गया है.  बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.  उल्लेखनीय है कि पूर्व सांसद आनंद मोहन ने अभी हाल ही में जदयू नेताओं के खिलाफ तीखे  बयान दिए थे.  उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को "जिंदा दफन" कर देने तक का  जदयू के नेताओं पर आरोप लगाया था.  इसके बाद जदयू की राजनीति में हलचल दिख रही थी.  

    जदयू  के नेताओं ने भी आनंद मोहन पर पलटवार किया था 

    वैसे जदयू  के नेताओं ने भी आनंद मोहन पर पलटवार किया था और उन्हें जेल से छूटने की बात को याद दिलाई थी.  जदयू  नेताओं ने कहा था  कि पत्नी को सांसद , बेटे को विधायक  तो पार्टी ने बनाया है, तो फिर मंत्री पद पाने के लिए इतनी परेशानी क्यों? चेतन आनंद औरंगाबाद जिले के नवीनगर से विधायक है.  इसके पहले वह शिवहर सीट से राजद  के विधायक थे.  2024 में जदयू में आ गए थे.  चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन शिवहर से सांसद रह चुके हैं और गोपालगंज के डीएम रहे हत्याकांड में जेल की सजा काट चुके हैं.  आनंद मोहन बेटे को मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे हैं.  सीतामढ़ी के कार्यक्रम में उन्होंने जदयू के कुछ वरीय   नेताओं पर निशाना साधा था.  आनंद मोहन ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार को "चांडाल चौकड़ी" ने घेर रखा है और जदयू एक थैली की पार्टी बनकर रह  गई है, जो थैली पहुंचाता  है, वही मंत्री बनता है.  आनंद मोहन के इस बयान के बाद सियासी बवाल मच गया था.  चेतन आनंद के सदस्य बनने के बाद सियासत में उठा यह तूफान खत्म हो जाएगा या अभी जारी रहेगा, यह देखने वाली बात होगी।



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