बड़ी खबर: जनवरी से राशन सिस्टम में बड़ा बदलाव! अब इतने किलो मिलेंगे चावल और गेहूं

    बड़ी खबर: जनवरी से राशन सिस्टम में बड़ा बदलाव! अब इतने किलो मिलेंगे चावल और गेहूं

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : 2026 के नए साल से केंद्र सरकार की जन-वितरण प्रणाली (PDS / राशन वितरण) में खाद्यान्न वितरण के कोटे (चावल और गेहूं) को बदलने का बड़ा फैसला लिया गया है. जिसका सीधा असर राशन कार्ड धारकों पर पड़ेगा. भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन वितरण के अनुपात में बदलाव किया है. नए निर्देशों के अनुसार जनवरी 2026 से अगले आदेश तक सरकारी राशन दुकानों पर गेहूं और चावल का वितरण 2:3 के अनुपात में किया जाएगा. यह व्यवस्था बिहार के साथ-साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और उत्तराखंड में लागू होगी.

    अंत्योदय और प्राथमिक राशन कार्ड पर क्या मिलेगा?
    नए नियमों के तहत अंत्योदय (AAY) राशन कार्ड धारकों को प्रतिमाह कुल 35 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा. जिसमें 14 किलोग्राम गेहूं और 21 किलोग्राम चावल शामिल होगा. इससे पहले गेहूं और चावल का अनुपात 1:4 था, जिसके तहत 7 किलोग्राम गेहूं और 28 किलोग्राम चावल दिया जाता था. वहीं प्राथमिक राशन कार्ड (PHH) धारकों को प्रति व्यक्ति हर माह 2 किलोग्राम गेहूं और 3 किलोग्राम चावल यानी कुल 5 किलोग्राम खाद्यान्न निशुल्क दिया जाएगा.

    बिहार के लिए मासिक आवंटन तय
    खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार नए अनुपात के आधार पर बिहार को हर महीने 18,42,366.84 क्विंटल गेहूं और 27,63,550.26 क्विंटल चावल का आवंटन किया गया है. इस तरह कुल 46,05,917.10 मीट्रिक टन खाद्यान्न बिहार की सरकारी राशन दुकानों के लिए आवंटित किया गया है. यह वितरण जिलेवार तय किया गया है.

    गेहूं की मात्रा बढ़ाने के पीछे कारण
    सरकारी सूत्रों के अनुसार चावल की तुलना में गेहूं की मात्रा बढ़ाने का फैसला समय-समय पर दो प्रमुख कारणों से लिया जाता है. जब केंद्र सरकार के पास गेहूं का भंडार आवश्यकता से अधिक हो जाता है, और सर्दियों के मौसम में कई राज्यों में चावल की तुलना में गेहूं की मांग बढ़ जाती है. सरकार का कहना है कि यह बदलाव उपलब्धता और उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है.



    Related News