टीएनपी डेस्क (TNP DESK): आम लोगों को महंगाई ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब सीधे लोगों की रसोई तक पहुंच गया है. परिवहन खर्च बढ़ने के कारण बाजार में खाद्य सामग्री और किराना सामान की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. सबसे ज्यादा असर खाने के तेल पर देखने को मिल रहा है. सरसों तेल की कीमत में करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि रिफाइंड तेल भी लगभग 5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है.
सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि दाल, चावल और मसालों के दामों में भी तेजी आई है. बाजार में चावल और दाल की कीमत करीब 5 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई है. लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है. लोगों का कहना है कि पहले जिस रकम में महीनेभर का राशन आसानी से आ जाता था, अब उसी सामान के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.
महंगाई की इस मार का सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है. गृहिणियों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है. रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ने से कई परिवार अब जरूरतों में कटौती करने को मजबूर हो रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर बाजार कीमतों पर पड़ रहा है. यदि आने वाले दिनों में ईंधन के दामों में राहत नहीं मिली, तो खाने-पीने की चीजों समेत अन्य जरूरी सामान और महंगे हो सकते हैं. बढ़ती महंगाई ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है. लोग अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि घरेलू बजट पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझ कुछ कम हो सके.

