Bengal Election: ममता बनर्जी ने 74 विधायकों का टिकट काट कर कितना बड़ा लिया है रिस्क, आखिर क्या होगा रिजल्ट !

    Bengal Elections: बंगाल में चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए ममता बनर्जी बड़ा-बड़ा रिस्क ले रही हैं. भाजपा को सीधे ललकार रही हैं. सत्ता विरोधी लहर को खत्म करने के लिए उन्होंने 74 विधायकों का टिकट काट दिया है. कई बड़े-बड़े नेता "साइड लाइन" कर दिए गए है. एक दर्जन से अधिक विधायकों की सीट बदल दी गई है.

    Bengal Election: ममता बनर्जी ने 74 विधायकों का टिकट काट कर कितना बड़ा लिया है रिस्क, आखिर क्या होगा रिजल्ट !

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बंगाल में चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए ममता बनर्जी बड़ा-बड़ा रिस्क ले रही हैं. भाजपा को सीधे ललकार रही हैं. सत्ता विरोधी लहर को खत्म करने के लिए उन्होंने 74 विधायकों का टिकट काट दिया है. कई बड़े-बड़े नेता "साइड लाइन" कर दिए गए है. एक दर्जन से अधिक विधायकों की सीट बदल दी गई है. बंगाल चुनाव तो भाजपा के लिए भी चुनौती है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरी तरह से बंगाल चुनाव की कमान संभाल लिया है. ऐलान कर दिया है कि इस बार तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो जाएगी. यहां तक कि भवानीपुर सीट से भी ममता बनर्जी को सुबेंदु अधिकारी हरा  देंगे. 

    2011 से बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है, अब चौथी बार की लड़ाई

    दरअसल, 2011 से बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है. अगर इस बार वह सत्ता में आती है तो चौथा टर्म होगा. जानकारी के अनुसार ममता बनर्जी ने 224 विधायकों में से 135 को ही उनके वर्तमान सीट पर टिकट उपलब्ध कराया है. पिछली बार 224 तृणमूल विधायक जीते थे. 15 विधायकों की सीट बदल दी गई है. वहीं 74 विधायकों के टिकट काट दिए गए है. तृणमूल कांग्रेस के सर्वे में इन विधायकों की जमीनी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं थी. रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी को नुकसान हो सकता था. पार्टी ने टिकट बंटवारे के समय सिर्फ विनिंग फैक्टर को ही केंद्र में रखा यानी  जो जीत सकते हैं, उन्हीं को टिकट दिया गया है. 

    कई कोर कमेटी के सदस्यों को भी टिकट नहीं दिया गया
     
    कई कोर कमेटी के सदस्यों को भी टिकट नहीं दिया गया है. 291 में से 52 टिकट महिलाओं को दिए गए है. 47 टिकट माइनॉरिटी को दिया गया है, इनमें से अधिक मुस्लिम हैं. बताया गया है कि तृणमूल कांग्रेस ने 149 टिकट सामान्य और ओबीसी जाति के नेताओं को, 78 टिकट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को, 17 आदिवासी समुदाय से आने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. तीन सीट सहयोगी दल के लिए छोड़ा गया है. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे को उत्तर पड़ा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. 

     बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर "पावर गेम" शुरू हो गया है

    उल्लेखनीय है कि बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर "पावर गेम" शुरू हो गया है. गुरुवार को दक्षिण कोलकाता की सड़कों पर यह "पावर गेम" दिखा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में खूब निशाना साधा. उन्होंने भवानीपुर को बंगाल में सत्ता परिवर्तन का "प्रवेश द्वार" बताया. भाजपा उम्मीदवार सुबेंदु अधिकारी के नामांकन समारोह को अमित शाह ने रोड शो के जरिए "शक्ति प्रदर्शन" में तब्दील कर दिया. बंगाल में सत्ता परिवर्तन का शॉर्टकट रूट उन्होंने भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार  को बताया.

    पिछली बार नंदी ग्राम से हारी थी ममता बनर्जी ,इस बार भवानीपुर से हारेंगी

    उन्होंने कहा कि सुबेंदु अधिकारी अपने पारंपरिक सीट नंदीग्राम से ही लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद सुबेंदु अधिकारी को भवानीपुर से लड़ने को राजी किया. उन्होंने कहा कि सुबेंदु अधिकारी से कहा कि सिर्फ नंदीग्राम नहीं, आपको ममता बनर्जी के घर में घुसकर उन्हें वहीं पराजित करना है. 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम से हारी थी, इस बार भवानीपुर से हारेंगी. अमित शाह ने कहा कि बहुमत के लिए 170 सीट जितनी होगी, लेकिन भवानीपुर की एक जीत ही पूरे राज्य की राजनीति पलट देगी. उन्होंने मतदाताओं से अपील की, कि बंगाल की मुक्ति के लिए सुबेंदु अधिकारी को भारी मतों से जीत दिला दें. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के लिए वह 15 दिन पश्चिम बंगाल में ही रहेंगे.

    रिपोर्ट- धनबाद ब्यूरो


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