भिखारियों ने खोला निजी बैंक, एक प्रतिशत ब्याज पर किन लोगों को देते हैं लोन, जानिए

    भिखारियों ने खोला निजी बैंक, एक प्रतिशत ब्याज पर किन लोगों को देते हैं लोन, जानिए

    मुजफ्फरपुर(MUZAFFARPUR): आपने शायद नहीं सुना होगा कि भिखारियों का बैंक भी होता है. लेकिन, मुजफ्फरपुर में 63 भिखारियों ने यह कर दिखाया है. इन लोगों ने भीख में मिलनेवाली राशि से निजी बैंक खोल लिया है. वे प्रतिदिन भीख में मिलनेवाले रुपए में से अपने खर्च के लिए निकालकर इस बैंक में राशि जमा कर देते हैं. धीरे-धीरे इनके बैंक में अच्छे-खासे पैसे जमा हो गए. अब ये जरूरतमंदों को शादी, इलाज आदि के लिए सिर्फ एक प्रतिशत ब्याज पर लोन भी देते हैं. बल्कि, अब तक 10 लोगों को करीब दो लाख रुपए का लोन दे चुके हैं.

    एक प्रतिशत ब्याज  पर मिलता है लोन

    बता दें कि देश में मुजफ्फरपुर पहला ऐसा जिला है, जहां भिखारियों का निजी बैंक है. अब यह बैंक एक प्रतिशत ब्याज  पर लोन भी दे रहा है. अगले कुछ दिनों में इनका उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में खाता खोल दिया जायेगा.  ताकि, इस निजी बैंक में जब अधिक रुपए हो जाएं तो ये उसे सरकारी बैंक के अपने खाते में जमा करा सकें. बता दें कि इनसे मिले लोन से बीते मई-जून महीने में शेरपुर ढाब के दिनेश सहनी, अखाड़ाघाट की ललिता देवी और सिकंदरपुर के मोहन राय ने बेटी की शादी  की. दो अन्य परिवारों ने बीमार बेटे का इलाज कराया. ललिता देवी ने बताया कि रुपए कम होने के कारण वह बेटी की शादी नहीं कर पा रही थी. लेकिन, ऐन मौके पर भिखारियों के बैंक से 20 हजार रुपए का लोन मिल गया. जिससे बारातियों के स्वागत में परेशानी नहीं हुई. 

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    175 भिखारियों ने अलग-अलग पांच सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाया 

    ये सभी 63 भिखारी दिनभर भीख में मिलनेवाले रुपयों में से अपने खर्च के लिए निकालकर बैंक में जमा कर देते हैं. किसी जरूरतमंद को ये उसकी पूरी पहचान कर व उसकी जरूरत की जानकारी लेकर लोन देते हैं. जमा होनेवाले रुपए और लोन की राशि का पूरा लेखा-जोखा भी रखते हैं. लेखा-जोखा के लिए एक युवक को रखा है. कहते हैं कि वे इस बैंक से कॉलोनी और आसपास के ही जरूरतमंदों को लोन देते हैं. लोन के लिए जो लोग अनुरोध करते हैं उनमें सर्वाधिक जरूरतमंद को दिया जाता है. इस 'बैंक' की संचालन की प्रक्रिया कुछ ऐसी है. 175 भिखारियों ने अलग-अलग पांच सेल्फ हेल्प ग्रुप बना रखा है.इस सेल्फ हेल्प ग्रुप की हर रविवार को अलग-अलग निश्चित जगहों पर बैठक होती है. मीटिंग में भविष्य के योजनाओं को लेकर प्लानिंग की जाती है. 

     


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